कोविड-19 : जम्मू एवं कश्मीर में चौथी मौत

0

जम्मू एवं कश्मीर में कोरोनावायरस संक्रमण के चलते बुधवार (कल) को एक 65 वर्षीय महिला की मौत होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में महामारी के चलते मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

डॉक्टरों ने कहा कि उधमपुर जिले की एक 65 वर्षीय महिला को सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत के बाद जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा, “कल महिला की मौत हो गई। उनमें कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।”

जम्मू एवं कश्मीर में कोरोनावायरस के चलते यह चौथी और जम्मू क्षेत्र में पहली मौत है। डॉक्टरों ने कहा कि प्रोटोकॉल और निर्धारित नियमों व औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद मृतका के शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

केंद्र शासित प्रदेश में चार मौतों के साथ संक्रमण के कुल 159 मामले सामने आए हैं। जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को एक दिन में कोविड-19 से संक्रमित सबसे अधिक 34 नए मामले सामने आए।

उपचार के बाद छह मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं, जबकि चार की मौत हो चुकी है। इस प्रकार जम्मू एवं कश्मीर में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 149 है, जिनमें से 27 जम्मू और 122 कश्मीर क्षेत्र के हैं।

न्यूज सत्रेात आईएएनएस

SHARE
Previous articleआखिर किसने एमएस धोनी को नहीं बल्कि गौतम गंभीर को बताया बेस्ट कप्तान
Next articleकोविड-19 : ट्रंप का नए सिरे से डब्ल्यूएचओ पर हमला
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here