कोटा हवाईअड्डे को परिचालन योग्य बनाया जाए : राहुल गांधी

0
93

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजस्थान के कोटा शहर के हवाईअड्डे को परिचालन योग्य बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश से हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वहां आते हैं, जिस वजह से इसकी जरूरत है। राहुल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, “भारत में 1.5 लाख से ज्यादा छात्र कोटा में प्रत्येक वर्ष कोचिग संस्थानों में पढ़ने जाते हैं। यहां समुचित ‘एयर कनेक्टिविटी’ की जरूरत है। मौजूदा समय में, लाखों छात्रों और उनके परिजनों को हवाईअड्डे की अनुपस्थिति में असुविधा का सामना करना पड़ता है।”

उन्होंने कहा, “टूरिस्ट मैप पर रणनीतिक लोकेशन और साथ में मजबूत औद्योगिक आधार व स्थानीय कारीगरी को ध्यान में रखते हुए कोटा को उन्नत एयर कनेक्टिविटी के जरिए भारत के बड़े महानगर से जोड़ने से बहुत फायदा होगा।”

राहुल ने मोदी से शहर में एकमात्र हवाईअड्डे को अपग्रेड करने या फिर कामर्शियल विमानों के परिचालन के लिए नया हवाईअड्डा बनाने की अनुशंसा की।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleकप्तान कोहली टीम इंडिया के लिए बेहद जरूरी मानते हैं इस खिलाड़ी को
Next articleवास्तु शास्त्र: दुर्भाग्य का कारण बन सकती हैं, आपके घर में रखी ये एक चीज़
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here