जानिये क्या रहे जीडीपी के क्वार्टर टू के आंकडे और कैसा रहेगा उनका आपके जीवन पर असर

0

जयपुर। देश के लिए आर्थिक मोर्चे पर बुरी खबर है। पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर पहली तिमाही में 5 के आंकडे तक सिकुडने के बाद अब दूसरी तिमाही में ये आंकडा 4.5 तक सिमट गया है। देश की विकास दर काफी भयानक और तेज गिरावट आई है।

आपको बता दें, देश में ये आंकडे एक साथ नहीं आये है इनमें गिरावट 2015 से देखी जा सकती है। 2015 से एक क्रमिक रुप में इस कमी को अवलोकित किया जा सकता है। 2015 में देश की आर्थिक विकास दर 8 प्रतिशत थी उसके बाद 2017 में ये गिरकर 7.2 प्रतिशत रह गई, 2018 में इसमें और गिरावट आई और ये 6.8 प्रतिशत ही रह गई। 2019 की पहली तिमाही में ये 5 प्रतिशत तक गिर गई, और अब ये और गिरकर 5 के भी अंदर सिमट गई है और 4.5 के आंकडे पर पहुंच गई है।

इसका सीधा सा असर इस बात पर पडा है कि विकास दर कम रहने का मुख्य कारण मांग में कमी है। जिससे उस क्षेत्र के लोगों के रोजगार पर असर पडता है। इसका असर ये होता है कि मांग में धीरे-धीरे और गिरावट आऩे लगती है। लोगों अपनी जरुरत की चीजों को लेकर भी संकोच करने लगते है,लोगों की डर की भावना के चलते बाजार में महंगाई गहराऩे लगती है, और हालात बद से बदतर होने लगते हैं।

वर्तमान मंदी आपके साधारण जीवन पर एक गहरा असर डालेगी हर वस्तु के दाम खुद ब खुद बढने लगेंगे। ऐसे में आपको हर वस्तु और सुविधा के लिए अतिरिक्त चुकाना होगा। बाजार में बेरोजगारी बढेगी तो आपराधिक घटनाऐं भी बढेंगी।

यही कारण है कि लोकतांत्रिक सरकार का उद्देश्य समाज में संतुलन बनाना और उसकी तरफ जाना होना चाहीए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here