जानिए भारत में इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया

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जयपुर। लॉग ड्राइव करने का असली मजा विदेशों में ही है। समुद्र के किनारे विश्वस्तर की सड़को पर जब कार या बाइक दौड़ती है जो एक अलग ही फील होता है। लेकिन विदेशी सड़कों पर ड्राइविंग के लिए लाइसेंस की भी जरूरत होगी। ऐसे में अगर आप कभी इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोचें तो आपको आज हम इससे जुड़ी कुछ बड़ी जानकारी देने जा रहे है।

भारत की तरह इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया आसान नही होती है। इसके लिए आपको प्रक्रियां से गुजरना पड़ता है। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस को जारी करने की जिम्मेदारी जोनल रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस वेस्टर्न इंडियन आॅटोमोबाइल एसोसिएशन और इंटरनेशनल ट्रैफिक कंट्रोल एसोसिएशन की होती है ।

आप अगर ऐसे लाइसेंस बनवाने चाहते है तो इसके लिए आपको एक प्रोपर प्रोसेस से गुजरना पड़ेगा। जिसमें कुछ जरूरी बातें अहम होती है। आपको बता दें कि इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस एक परमिट-दस्तावेज है जिसी वैधता केवल 1 वर्ष की ही होती है। आपको जानकारी होनी चाहिए की इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस को अंग्रेजी, फ्रंच, अरबी, चीनी, इतावली, स्पेनिश, जर्मनी जैसी कई भाषाओं में बनवाई जा सकती है। जबकी इस लाइसेंस का इस्तेमाल विश्व के करीब 150 देशों से ज्यादा में किया जा सकता है।

हांलाकी कुछ देश ऐसे भी है जहां भारतीय  ड्राइविंग लाइसेंस को स्वीकार करते है। आरटीओ द्वारा इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपके पास इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। बिना इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस के आप इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई ही नही कर पाएंगे। इसके अलावा आपके पास वैध पासपोर्ट होना चाहिए जो कम से कम 6 महीने के लिए वैध हो।

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