ग्रहज्योतिष: कुंडली में शनि और मंगल का क्या है खेल, जानिए

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व्यक्ति के जीवन में ग्रहज्योतिष और कुंडली खास मानी जाती हैं यह व्यक्ति के जीवन में होने वाली परेशानियों का कारण भी होती हैं वही ज्योतिष में मंगल और शनि को विशेष ग्रह माना जाता हैं ऐसा भी कहा जाता हैं कि अगर इन दोनों ग्रह की स्थिति कुंडली में ठीक ना हो तो मनुष्य परेशानियों में रहता हैं उसे कई तरह की मुश्किलों का भी सामना करना पड़ता हैं। कुंडली में मंगल और शनि की युति के फल भी अलग अलग होते हैं। वही ये युति मनुष्य के स्वभाव से लेकर उसके व्यक्तित को भी प्रभावित करते हैं। ज्योतिष के अनुसार जानिए मंगल और शनि व्यक्ति के जीवन में कैसे प्रभाव डालते हैं

अगर प्रथम भाव में शनि और मंगल एकसाथ होता हैं तो मनुष्य चिड़चिड़ा हो जाता हैं। वह बहुत गुस्से वाला होता हैं हमेशा लड़ाई झगड़े के योग बने रहते हैं ऐसे मनुष्य को जीवन में आग और चोट लगने की अधिक आशंका बनी रहती हैं। वही दूसरे स्थान में शनि मंगल विराजमान हैं तो गले की समस्याएं परेशान करती हैं। परिवार में तनाव की स्थितियां बनी रहती हैं धन की समस्या रहती हैं ऐसे युति वाले जातक कड़वी और कठोर वाणी का प्रयोग करते हैं आंखों की समस्या से भी परेशान रहते हैं। वही तीसरे भाव में शनि मंगल होने पर छोटे भाई का सुख नहीं मिलता हैं ग्रह का यह योग जातक को पराक्रमी बनाता हैं गले और कंधे से जुड़ी समस्या बनी रहती हैं। वही चौथे स्थान पर शनि मंगल की युति होने पर आग से खतरा रहता हैं ऐसे जातक अपने जन्म स्थान पर नहीं रह पाते हैं। माता के स्वास्थ्य की भी समस्या बनी रहती हैं।

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