सौरमंडल में कई तरह के प्रभावों का करती है प्रभावित करती है यह चीज़, जानियें

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जयपुर। सौरमंडल भी बहुत सारे रहस्यों का पिटारा है जिन्हों बहुत कम लोग ही जानते है। आप तो जानते ही हो कि हमारे सौरमंडल में सौर वायु बहती है। सौर वायु  सौरमंडल धूमकेतु की पुंछ जैसी आकृती बनाती है जिसे  हीलीयोशेथ कहते है। आपको बता दे कि हीलीयोशेथ की बाहरी सतह जहां हीलीयोस्फियर खगोलीय माध्यम से मिलता है वो  हीलीयोपाज कहलाती है। आपको पता नहीं होगा कि हीलीयोपाज क्षेत्र सूर्य के आकाशगंगा के केन्द्र की परिक्रमा के दौरान खगोलीय माध्यम मे एक हलचल उतपन्न करता है।

बता दे कि यह खलबली वाला क्षेत्र है जो हीलीयोपाज के बाहर है  जो बौ शाक  या धनुष सदमा कहलाता है और हमारे सौरमंडल की सीमाओ मे सबसे अंदरूनी सीमा है टर्मीनेशन शाक। आपको जानकारी दे दे कि टर्मीनेशन शाक खगोल विज्ञान मे सूर्य के प्रभाव को सीमीत करने वाली बाहरी सीमा है और यह वह सीमा है जहां सौर वायु के बुलबुलो की स्थानिय खगोलिय माध्यम के प्रभाव से कम होकर सबसोनिक गति तक सीमीत हो जाते है और इसी के कारण से संकुचन, गर्म और चुंबकिय क्षेत्र मे बदलाव उत्पन्न होते है।

टर्मीनेशन शाक क्षेत्र और सूर्य की खगोलीय इकाई की दूरी 75-90 है। इसी तरह से  टर्मीनेशन शाक की उत्पत्ती का कारण से तारो ने निकलते वाली सौर वायु के कणो की गति ध्वनी की गति मे परिवर्तन हो जाती है और तेजी से प्रवाहित होती है, जिसका घनत्व अत्यंत कम होता है और उस पर कोई विशेष दबाव नही होता है। इस तरह से सौरमंडल में कई तहर की क्रियायें होती रहती है जिसके कारण से कई बदलाव होता है।

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