दीपावली के दिन का बडा रहस्य, लक्ष्मी की नहीं देवी काली की होती है पूजा, जानिए क्यों

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जयपुर। पूरे देश में दीपावली की धूम रहती है। इसके साथ ही अधिकतर राज्यों में दीपावली के दिन यानी अमावस्‍या के दिन देवी लक्ष्‍मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। लेकिन कुछ ऐसे भी राज्य है जहां देवी काली की पूजा की जाती है। इसमें पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और असम राज्य शामिल है। यहां पर देवी की पूजा अर्धरात्रि में की जाती है।

क्यों करते हैं काली पूजा

ऐसा माना जाता है कि राक्षसों का वध करने के बाद महाकाली का क्रोध कम नहीं हुआ उस समय देवी के क्रोध को कम करने के लिए भगवान शिव उनके चरणों में लेट गए। उस समय भगवान शिव के शरीर को स्पर्श करने के बाद देवी काली शांत हो गयी। इस के बाद देवी शांत हो गई देवी के शांत होने के बाद देवी के शांत रूप लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

काली पूजा का महत्व क्या है

काली के रुप में दुष्‍टों और पापियों का संहार करने वाली देवी की पूजा करने से जीवन के सभी दुखों का अंत होता है। देवी की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है। ऐसा माना जाता है कि देवी काली की पूजा करने से राहू और केतु के दोष से मुक्ति मिलती है। देवी काली की पूजा तंत्र साधना के लिए किया जाता है।

कैसे होती है काली पूजा

देवी काली की पूजा दो तरीको से की जाती है इसमें  एक तरीका सामान्य तो दूसरा तरीका तंत्र पूजा वाला है। देवी पूजा करने से मन से भय का नाश होता है, देवी की कृपा से जीवन से परेशानी का अंत होता है। देवी पूजा करने से शत्रु का नाश होता है।

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