जानिए ऐसे मंदिर के बारे में जहां मूर्तियां बोलती हैं !

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आप सब लोग मंदिर में कई बार गए होंगे और वहां पर रखी मूर्ति के दर्शन भी किए होंगे । मगर क्या आपने सोचा है कि किसी मंदिर की मूर्ति बोल सकती हैं । सुनने में थोडा अजीब लगता हैं मगर ये सच है । आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर मूर्तियां बोलती है।

आपको बता दें कि तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध बिहार के राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में आने वाले हर इसांन की इच्छा पूरी होती है। आपको बता दें ​कि इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां पर स्थापित मूर्तियों से बोलने की आवाजें आती हैं।

यहां पर रहने वाले लोगों को मानना है कि जब भी वह मध्य-रात्रि में यहां से गुजरते हैं तो उन्हें आवाजें सुनाई पड़ती हैं। इतना ही नहीं नगर के कई लोगों ने भी रात में मंदिर से बुदबुदाने की आवाज सुनने की पुष्टि की है।

आपको बता दे कि आज तक वैज्ञानिक भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर कैसे मंदिर की मूर्तियां बोल सकती है।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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