खजुराहो में विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी, स्थानीय आजीविका प्रभावित

0
105

मध्य प्रदेश की विश्व प्रसिद्घ पर्यटन नगरी खजुराहो में विदेशी पर्यटकों की संख्या में आ रही गिरावट ने यहां के एक बड़े वर्ग की जिंदगी पर असर डाला है, क्योंकि कई परिवारों की जिंदगी पर्यटन से होने वाली आमदनी से चलती है।

देश दुनिया में वक्त बदलने के साथ आवागमन के साधन में बढ़ रहे हैं, सुविधाएं बढ़ रही हैं, मगर खजुराहो एक ऐसा पयर्टन स्थल है, जहां सुविधाओं में कटौती हो रही है। पर्यटन कारोबार से जुड़े सचिन द्विवेदी बताते हैं, “पहले जेट और एयर इंडिया की उड़ानें खजुराहो आती थीं। लेकिन पहले जेट (अब कंपनी बंद) की उड़ान बंद हुई और फिर एयर इंडिया की उड़ान सप्ताह में तीन दिन की गई। इन दिनों तो एयर इंडिया की तीन दिन आने वाली उड़ान भी बंद है। इसके एक पखवाड़े बाद चालू होने की बात कही जा रही है।”

द्विवेदी बताते हैं, “अकेले अथवा समूह में आने के इच्छुक विदेशी पर्यटक ज्यादातर उड़ानों का सहारा लेते हैं, क्योंकि वे सड़क अथवा रेल मार्ग के जरिए यात्रा में ज्यादा समय खराब नहीं करना चाहते। पहले उड़ान कम हुई और अब बंद है, जिससे विदेशी पर्यटक कम हुए हैं। इसका सीधा असर दुकानदारों, होटल संचालकों, गाईड, रिक्शा चलाने वालों से लेकर सड़क किनारे चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वालों की जिंदगी पर पड़ा है। विदेशी पर्यटक आएगा नहीं तो उनका कारोबार कैसे चलेगा।”

सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार खरे ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी में पाया है, “वर्ष 2013-14 में जहां खजुराहो में 71,898 विदेशी पर्यटक आए, वहीं वर्ष 2015-16 में यह संख्या घटकर 64,451 रह गई। खरे का दावा है कि यह आंकड़ा बीते वर्षो में और भी कम हुआ है। अब तो हवाई उड़ानें पूरी तरह बंद हैं, जिससे इस संख्या में और गिरावट आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।”

पर्यटकों को सुविधा मुहैया करने वाले ट्रैवेल ब्यूरो के अजय कश्यप का कहना है, “आने वाले दिन खजुराहो पर्यटन के लिए अच्छे नहीं हैं, क्योंकि अगर उड़ानों को पूरी तरह बंद कर दिया गया तो दुनिया के पर्यटन के नक्शे से खजुराहो गायब हो जाएगा। उसके बाद यहां दुनिया के देशों के पर्यटकों का आना बंद हो जाएगा। खजुराहो के लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया पर्यटक हैं और पर्यटक ही नहीं आएंगे तो आम आदमी की जिंदगी मुश्किल भरी हो जाएगी।”

वह आगे कहते हैं, “फिलहाल तो एयर इंडिया की दिल्ली-खजुराहो-बनारस उड़ान को 12 जून से 30 जून तक के लिए बंद किया गया है। अगर इसे आगे बढ़ाया गया तो यहां का पर्यटन कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएगा। खजुराहो से बनारस जाने का सबसे सुविधाजनक साधन हवाई मार्ग है। जब हवाई जहाज ही नहीं होगा तो पर्यटक यहां क्यों आएगा। वह तो सीधे बनारस जाएंगे।”

एक होटल के प्रबंधक अमित झा का कहना है, “विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे पहली प्राथमिकता कनेक्टिविटी होती है। खजुराहो उस मामले में पिछड़ रहा है, लिहाजा विदेशी पर्यटक दूसरे मार्गो से आकर समय ज्यादा खराब नहीं करना चाहते। हवाई सेवा कम होने से विदेशी पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ा है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleइंसान बन रहा है, इन खूबसूरत जानवारों के विलुप्त होने का जिम्मेदार
Next articleWorld Cup 2019 : न्यूजीलैंड -दक्षिण अफ्रीका मैच के बाद ऐसी हो गई है प्वाइंट्स टेबल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here