केशव मौर्य ने कहा, यादव समाज भाजपा के साथ

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उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यहां शनिवार को कहा कि यदुवंशी (यादव समाज) भाजपा के साथ हैं। उन्होंने कहा कि यादव समाज अवसरवादियों के साथ नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद व विकासवाद के साथ खड़ा था है और रहेगा।

फूलपुर, गोरखपुर और कैराना लोकसभा उपचुनाव में शिकस्त खा चुकी सत्ताधारी पार्टी के नेता ने अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी के तहत यदुवंशियों को अपनी ओर खींचने की कवायद शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुसंख्यक यदुवंशियों के बूथ पर भाजपा की विजय इस बात का प्रमाण है।

केशव शनिवार को भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा आयोजित यादव समाज प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में अब कोई भी ताकत पिछड़े समाज को बांट नहीं सकती। उन्होंने सपा-बसपा व कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा, “कुछ लोगों ने पहले पिछड़े समाज को बांटने के लिए दूध में नींबू मिलाने का काम किया, लेकिन हमने तो दूध में चीनी मिलाने का काम किया है। पिछड़े वर्ग का सबसे शानदार गुलदस्ता हमारे साथ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है।”

उन्होंने कहा कि देश का 54 प्रतिशत जनसंख्या पिछड़े वर्ग की है, जो भाजपा के साथ है। कुछ लोग यह मंसूबा पाले बैठे हैं कि 2019 में पीएम मोदी की सरकार नहीं बनने देंगे। वे जान लें कि 2014 और 2017 में कमल खिला और 2019 में भी कमल खिलेगा।

केशव ने कहा, “मैं बताना चाहता हूं कि यदुवंशी समाज हमारे साथ है, ये अंदर की बात है। यूपी में हमें 80 से ज्यादा नहीं चाहिए और 74 से कम भी नहीं चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हमें यूपी में 73 और संसद में 325 सीटें ऐसे ही नहीं मिल गईं। 19 राज्यों में भाजपा सरकार है। यह सब आप के सहयोग से है। हम राष्ट्रवादी, हिंदुत्ववादी हैं, ये आपकी सरकार है। त्रिपुरा के बाद बंगाल, कर्नाटक और केरल में भी कमल खिलेगा।”

कनून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांगे जाने पर केशव ने कहा, “विपक्ष को इसका नैतिक आधार नहीं है। सपा व भाजपा के शासन काल में इतना फर्क है कि सपा सरकार में अपराधियों को संरक्षण प्राप्त था, पर आज अगर अपराधी पाताल में भी छिपा है तो वो बच नहीं पाएगा।”

उन्होंने कहा कि आज विकास बिना भेदभाव के किया जा रहा है। जो योजना आती है वो इटावा, मैनपुरी, आजमगढ़ में भी जाती है।

आतंकवाद की बात करते हुए केशव ने कहा कि आज देश की सेना आतंकवादियों को ईंट का जवाब पत्थर से दे रही है। पहले सेना को गोली चलाने से रोका जाता था।

महागठबंधन की बात छेड़ते हुए उन्होंने विरोधियों पर वार करते हुए कहा, “गठबंधन के पास कोई चेहरा नहीं है। कौन पीएम बनेगा यह तय नहीं है, लेकिन हमारे पास दुनिया में भारत का नाम बढ़ाने वाला मोदी जैसा नेतृत्व है।”

उन्होंने कहा कि सपा जिसने 5 साल सरकार चलाई उसके मुखिया अखिलेश यादव ने पिता से अध्यक्ष की कुर्सी छीन ली। बसपा-सपा के गठबंधन पर केशव ने कहा कि जब चाचा भतीजे में नहीं बनी तो बुआ भतीजे में कैसे बनेगी।

फूलपुर, गोरखपुर और कैराना में इसी गठबंधन की चोट खाए केशव ने कहा, “जो यूपी जीतता है वही देश जीतता है और 2019 भी यदुवंशियों के सहयोग से जीतेंगे।”

न्यूज स्त्रोत ईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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