पीठ की समस्या और पालतू कुत्ते के बीच जूझ रहीं केरी केटोना

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गायिका केरी केटोना ने खुलासा किया है कि वह अपनी पीठ की समस्या और अपने पालतू कुत्ते पैडी के बीच संघर्ष कर रही है। फिमेलफर्स्ट डॉट कॉम डॉट यूके की रिपोर्ट के अनुसार, न्यू मैगजीन के लिए लिखे अपने कॉलम में केरी ने स्वीकार किया है कि वह अपने पालतू पैडी के कारण घरेलू काम से जूझ रही हैं।

केरी ने लिखा, “जब मैंने पढ़ा कि जेमा कॉलिंस को घर के कामकाज में मदद करने के लिए कर्मचारियों की एक टीम मिल गई है, तो मैं लगभग उछल पड़ी। जेम कृपया उन्हें मेरे घर पर भेजें। मैं अपनी पीठ की समस्या के कारण सभी काम निपटाने को लेकर संघर्ष कर रही हूं, मुझे दो घंटे बाद ही बैठना पड़ जाता है, जिससे मुझे काफी चिड़चिड़ापन होता है। इसके साथ ही हालत तब खराब होती है, जब मेरा पालतू मुझसे संभाला नहीं जाता है। उसके मूत्र के धब्बे कालीन को पूरी तरह से बर्बाद कर देते हैं! लेकिन यही सच्ची जिंदगी है। जेमा मेरे साथ टीम की अदला-बदली कर लो।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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