केरल के कृषि मंत्री का Covid-19 परीक्षण पॉजिटिव आया

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केरल के राज्य कृषि मंत्री वी.एस. सुनील कुमार का बुधवार को कोविड-19 परीक्षण पॉजिटिव आया है। इसके साथ ही वे कोरोना संक्रमित होने वाले राज्य के तीसरे मंत्री हो गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान कुमार बेहद सक्रिय रहे हैं। वे अप्रैल से ही एनार्कुलम जिले में कोविड-19 रोकने की सभी गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे हैं और राज्य की राजधानी और एनार्कुलम के बीच लगातार यात्रा करते रहे हैं।

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पिनाराई विजयन केबिनेट में कोरोना संक्रमित होने वाले कुमार तीसरे मंत्री हैं। इससे पहले वित्त मंत्री थॉमस इस्साक और उद्योग मंत्री ई.पी. जयराजन कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे। ये दोनों अब ठीक हो चुके हैं और अपने काम पर लौट आए हैं।

कुमार का परीक्षण ऐसे समय में पॉजिटिव आया है जब राज्य में कोविड के मामले दिन पर दिन बढ़ रहे हैं। वर्तमान में राज्य में 40,382 सक्रिय मामले हैं और 1,01,731 लोग ठीक हो चुके हैं।

न्यूज स्त्रोत आइएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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