केरल : बारिश से राहत, विजयन ने मुआवजे की घोषणा की (राउंडअप)

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केरल में इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर के इलाके बाढ़ के पानी से अभी भी डूबे हुए हैं, लेकिन शनिवार को बारिश नहीं होने से यहां रहने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही सरकार ने बाढ़ में अपनी घर और संपत्ति गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इडुक्की, वायनाड और अन्य जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। विजयन ने इसके साथ ही अपना घर गंवाने वाले को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

केंद्र ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रिशूर, एर्नाकुलम, अलप्पुझा, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में एनडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की है। ये टीमें चिकित्सा सहायता के साथ राहत सामग्रियों के वितरण का भी काम कर रही हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की अन्य टीमें भी तैनात रखी गई हैं।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार को पर्यटन मंत्री के.जी. अल्फोंस के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

वह केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, राज्य सरकार के मंत्रियों, मुख्य सचिव, केंद्रीय एजेंसियों व राज्य प्रशासन के अन्य शीर्ष अधिकारियों से केंद्र सरकार की एजेंसियों व राज्य सरकार द्वारा चलाए गए राहव व बचाव और खोज अभियान का जायजा लेंगे।

बारिश न होने के परिणामस्वरूप पिछले कई दिनों से तबाही मचा रहा इडुक्की बांध का पानी कम होने लगा है।

राज्य के ऊर्जा मंत्री एम.एम. मणि ने कहा, “बीती रात से इडुक्की बांध और उसके आसपास बारिश कम हुई है, जिसके कारण बांध का जलस्तर भी कम हो गया है।”

यहां हालात की समीक्षा के लिए पहुंचे मणि ने कहा, “अभी तक चीजें ठीक रही हैं और सबकुछ योजना के मुताबिक हो रहा है। बाढ़ द्वार के समीप पहुंचे पानी को चेरुथोनी पर रोक लिया गया, जिससे कोई बड़ा संकट खड़ा नहीं हुआ।”

मुख्यमंत्री विजयन के साथ विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, राज्य के वन मंत्री पी. राजू, मुख्य सचिव टॉम जोस और केरल के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने शनिवार सुबह तिरुवनंतपुरम से हेलीकॉप्टर द्वारा सबसे अधिक प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।

इडुक्की में उतरने में विफल रहने के बाद यह दल वायनाड पहुंचा, जहां एक बैठक में उन्होंने अपने घर खो चुके सभी लोगों को भी चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। साथ ही अपना घर और अन्य संपत्तियां खोने वालों को 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।

विजयन ने कहा, “राहत शिविरों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 3,800 रुपये दिए जाएंगे।” वायनाड में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है। जिले के करीब 10 हजार लोग 200 राहत शिविरों में रह रहे हैं।

बुधवार से हो रही भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से अभी तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जिलों में हुई हैं।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि पर शोक प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में सामान्य हालात बहाल करने के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करने का आग्रह किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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