केजरीवाल का धरना असल मुद्दों से ध्यान हटाने की चाल : भाजपा

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उपराज्यपाल के कार्यालय में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रातभर धरना देने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को इसे सरकारी अस्पतालों की खराब स्थिति और नगर में पानी की भारी कमी जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए एक सोची-समझी चाल बताया। भाजपा ने कहा कि दिल्ली में भाजपा के सांसद और विधायक मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर दिल्ली की मौजूदा बिजली और पानी समस्या का समाधान निकालने की मांग करेंगे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, “केजरीवाल और उनके मंत्री (उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और श्रम मंत्री गोपाल राय) वातानुकूलित कमरों में मेज पर पैर रखकर बैठे हैं।”

तिवारी ने प्रश्न किया, “क्या इसे धरना कहते हैं?”

उनका यह बयान आईएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने का निर्देश देने सहित अपनी तीन मांगों को पूरा करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के चार नेताओं के सोमवार शाम 5.30 बजे से उपराज्यपाल कार्यालय में धरना देने के बाद आया है। आप नेताओं ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में धरना जारी रखने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री गरीबों को उनके घर राशन पहुंचाने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को पारित करने की भी मांग कर रहे हैं। राज निवास ने सोमवार रात इस धरने को अनुचित बताया था।

आप नेताओं की निंदा करते हुए तिवारी ने कहा, “जहां दिल्ली की जनता भारी जल संकट से जूझ रही है, लोग मोहल्ला क्लीनिकों में मर रहे हैं और सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं की शिकायत कर रहे हैं, केजरीवाल और उनके मंत्री सोची-समझी चाल के तहत दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “दिल्ली के प्रभारी जल मंत्री होने के नाते केजरीवाल को जल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। केजरीवाल को दिल्ली की जनता की परेशानी से कोई वास्ता नहीं है।”

केजरीवाल की निंदा करते हुए पूर्वोत्तर दिल्ली से भाजपा सांसद ने कहा, “उन्होंने 2014 में भी गणतंत्र दिवस की परेड रोकने के लिए ऐसा ही धरना किया था। गणतंत्र दिवस की परेड रोकने की उनकी धमकी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो गया था कि वह भारत का संविधान नहीं मानते हैं।”

केजरीवाल पर लगातार हमले करते हुए भाजपा नेता ने सवाल किया, “क्या केजरीवाल ने दिल्ली में लोकपाल लागू किया? वे इसे लागू नहीं करेंगे, क्योंकि वे डरते हैं कि इसका पहला शिकार वे खुद होंगे।”

तिवारी ने कहा, “हम बुधवार सुबह केजरीवाल के आवास पर जाकर दिल्ली में जल संकट और खराब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।”

मंगलवार को इससे पहले तिवारी ने एक ट्वीट में कहा, “लोकतंत्र का मजाक बना दिया, कोई काम नहीं मात्र नाटक।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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