केजरीवाल vs LG: सुप्रीम कोर्ट के फैसले में किसकी जीत किसकी हार?

0
47

जयपुर। दिल्ली में मुख्यमंत्री और एलजी को लेकर चलने वाला विवाद अब काफी लंबा हो चुका है और यह सब आप लोगों के लिए आम सी बात बन गई है वहीं इसी सब के बीज कॉम सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जॉन सेक्रेटरी और उससे ऊपर के सभी अवसरों पर एलजी ही फैसला लेंगे और जो नीचे के अधिकारी हैं और दिल्ली सरकार के अधीन आएंगे वहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि एंटी करप्शन ब्यूरो केंद्र सरकार के अधीन ही काम करेगा इसके अलावा जमीन पुलिस और लॉयन ऑर्डर केंद्र सरकार के पास ही रहेंगे.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने आपको बता दें कि यह फैसला सुनाया है वही तो वहीं अब इसे तीन जजों की बेंच के पास भेज दिया गया है.

वही आपको बता दे कि अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में क्या रहा है सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सेवा से जुड़े मामलों में तीन जजों की बड़ी बहन जब इस मामले की सुनवाई करेगी इसके अलावा आईपीएस अधिकारियों की तैनाती एलजी अफसर से ही होगी और एसपी का दायरा दिल्ली से बाहर नहीं हो सकता.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमीन पुलिस रोल एंड ऑर्डर केंद्र सरकार के पास ही रहेंगे और दिल्ली सरकार जांच आयोग नहीं बना सकती इसके साथ-साथ ग्रेड 1 और ग्रेड 2 के अधिकारियों के मामले में भी सारे अधिकार एलजी के पास ही रहने की बात सुप्रीम कोर्ट ने कही है वहीं इलेक्ट्रिसिटी में ट्रांसफार्मर पोस्टिंग दिल्ली सरकार के पास और जमीन की रेट को तय करने का अधिकार भी दिल्ली सरकार को दिया गया है.

ई कोर्ट के इस आदेश के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए फैसले के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करी और उन्होंने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए इसके अलावा उन्होंने कहा जनता की चुनी हुई सरकार के पास शक्तियां होनी चाहिए यह फैसला दिल्ली की जनता और जनतंत्र के खिलाफ आया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here