बिल्ली को घर में रखना स्वास्थ्य लिए रहेगा अच्छा !

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दोस्तों, हाल ही में एक शोध कार्य हुआ हैं जिसमें बताया गया है कि बिल्लियों को घर में पालना स्वास्थय के लिए लाभदायक होता है। इसके आगे शोधकर्ताओं ने बताया कि बिल्लियों के बीमारियों से मनुष्य भी संक्रमित हो सकते हैं । इसी को लेकर अकसर लोगों के बीच में बहस बनी रहती है । मगर अब वैज्ञानिकों ने कहा है कि बिल्लियों का घर के अंदर रखना निश्चित रूप से ही अच्छा होता है ।

रॉयल सोसाइटी जर्नल बायोलॉजी लेटर्स में वैज्ञानिकों ने बताया है कि, घर तक सीमित रहने वाली पालतू बिल्लियों की तुलना में बाहर जाने वाली बिल्लियों को वास्तव में, करीब तीन गुणा रोगाणुओं या परजीवियों से संक्रमित होने की आशंका होती है । अल्बामा के औबर्न विश्वविद्यालय के फारेस्ट्री एडं वाइल्डलाइफ साइंसेज स्कूल की शोधकर्ता केलिघ चाल्कोवस्की ने बताया है कि, आप अपनी बिल्लियों को घर के अंदर रखने से संक्रमण से होने बीमारियों से उन्हें बचा सकते हैं ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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