झारखंड में कोरोना से लड़ने के लिए मतभेदों को दूर रखें : आर.पी.एन. सिंह

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झारखंड में कांग्रेस-झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) गठबंधन सरकार ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए एआईसीसी के हस्तक्षेप के बाद अपने मतभेदों को दरकिनार कर दिया है। एआईसीसी ने अपनी राज्य इकाई को सरकार के साथ सहयोग करने के लिए कहा है। कांग्रेस राज्य में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल रही है।

कांग्रेस के झारखंड प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.पी.एन. सिंह ने आईएएनएस से कहा, “जब मुझे कुछ समस्याओं के बारे में पता चला, तो मैंने राज्य के नेताओं से अपने मतभेदों को एक तरफ रखने के लिए कहा और पार्टी में हमारे मंत्रियों, पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि इस समय राज्य में कोविड-19 से लड़ना हमारी पहली प्राथमिकता है।”

उन्होंने कहा, “राज्य में सरकार मानक संचालन प्रक्रिया के साथ आई है, जहां उनकी दैनिक बैठकें होती हैं और नियमित आधार पर मुद्दों की देखरेख के लिए अंतर मंत्रालयी समूह का गठन किया गया है। अगर मुझे कोई शिकायत मिलती है, तो मैं मंत्रियों और प्रदेश अध्यक्ष से इस पर गौर करने के लिए कहता हूं।”

इससे पहले, कांग्रेस ने अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों पर आपत्ति जताई थी, जिसके कारण गठबंधन सहयोगी, जेएमएम के साथ टकराव हुआ था।

पार्टी प्रभारी ने कहा कि झारखंड मूल रूप से एक ऐसा राज्य है जहां बहुसंख्यक लोग आदिवासी हैं और राज्य ने सुनिश्चित किया है कि राज्य से आने या जाने वाले किसी भी शख्स को कुछ भी भुगतान नहीं करना होगा। दूसरे राज्यों से प्रवासियों और छात्रों को वापस लाने के मामले में राज्य सबसे पहला रहा।

राज्य अन्य फंसे प्रवासियों को भी लाने की कोशिश कर रहा है जो राज्य में वापस आना चाहते हैं और नोडल अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिया गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी को भी इस प्रकार की महामारी की उम्मीद नहीं थी, हालांकि राज्य में मामलों की संख्या बहुत कम है।

उन्होंने प्रवासियों को दिशा-निर्देश नहीं देने के लिए केंद्र पर निशाना साधा। सिंह ने कहा, “अब जब केंद्र ने ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है तो वे ऑनलाइन प्रणाली चाहते हैं। किसी मजदूर के लिए ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली तक पहुंच कैसे संभव है।”

सिंह ने दावा किया, “कांग्रेस-जेएमएम सरकार अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे करेगी और मैं मध्यप्रदेश की तरह राज्य में तख्तापलट की कोई संभावना नहीं देखता।”

जहां कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य में सबकुछ ठीक है, वहीं विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने हाल ही में आईएएनएस से कहा है कि झारखंड सरकार सभी मोर्चो पर विफल रही है, चाहे वह प्रवासी मजदूरों का मुद्दा हो या जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने का।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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