उत्तराखंड में ‘केदारनाथ’ रिलीज नहीं होगी

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सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत के अभिनय से सजी बॉलीवुड फिल्म ‘केदारनाथ’ उत्तराखंड में रिलीज नहीं होगी। राज्य सरकार की ओर से हालांकि फिल्म पर कोई आधिकारिक पाबंदी नहीं लगाई गई है। लेकिन सरकार ने फिल्म और इसके विवादों के संबंध में सभी जिला अधिकारियों को पत्र लिखा है।

जिलाधिकारियों से खुद निर्णय लेने के लिए कहा गया है और उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र में यह फिल्म दिखाई जाएगी या नहीं, इसका फैसला भी उनके विवेक पर छोड़ दिया गया है।

इसके बाद, सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में फिल्म रिलीज पर पाबंदी लगा दी है।

यह निर्णय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक उच्चस्तरीय बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अगुवाई वाली समिति द्वारा दाखिल एक रपट की समीक्षा करने के बाद लिया।

यह हिंदी फिल्म 2013 में आई केदारनाथ बाढ़(फ्लैश फ्लड) की पृष्ठभूमि पर है। फिल्म का पहले दिन से ही दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है। उनका आरोप है कि फिल्म हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और यह ‘लव-जिहाद’ के विचार को आगे बढ़ाती है।

जिलाधिकारियों के इस हालिया आदेश का मतलब यह है कि यह फिल्म देहरादून, हरिद्वार, पौढ़ी, टिहरी, नैनीताल, अल्मोढ़ा और उधमसिंहनगर में रिलीज नहीं होगी। राज्य के अन्य जिलों में फिल्म थियेटर नहीं हैं।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गुरुवार को फिल्म पर पाबंदी लगाने से इंकार कर दिया था और याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत को लेकर जिलाधिकारी के पास जाने के लिए कहा था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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