केबीसी 11 के करोड़पति ने पिता को समर्पित की जीत की रकम

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बिहार के जहानाबाद जिले के सनोज राज पहले प्रतियोगी हैं जिन्होंने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 11 में 1 करोड़ रुपये जीते हैं। भले ही वह 7 करोड़ रुपये के जैकपॉट सवाल का सही जवाब नहीं दे पाए, लेकिन सनोज एक करोड़ रुपये जीतकर खुश हैं। उनका कहना है कि जीत की रकम को वह अपने पिता को समर्पित करना चाहते हैं। सनोज ने आईएएनएस से कहा, “मेरे पिता किसान हैं। सारा पैसा उनको देने जैसा कुछ नहीं है, क्योंकि वो सब उनका ही है।”

सनोज ने आगे बताया, “हमारे परिवार की स्थिति के कारण मैं अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया। मैंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि हमें आगे उस स्थिति का सामना न करना पड़े।” सनोज एक संयुक्त परिवार में रहते हैं।

इस शो में सनोज के साथ उनके पिता और चाचा आए थे। एक करोड़ जीतने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया, जिन्होंने कहा कि यह सनोज के संघर्षों का फल है। सनोज को करोड़पति बनाने वाला सवाल था, “भारत के किस मुख्य न्यायाधीश के पिता भारत के एक राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं?” जिसका उन्होंने सही जवाब दिया।

हालांकि, सनोज जैकपॉट प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकें, जो था, “ऑस्ट्रेलियन दिग्गज बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने किस भारतीय गेंदबाज की गेंद पर एक रन बनाकर प्रथम श्रेणी का अपना 100 शतक पूरा किया था?”

उन्होंने कहा, “मुझे यह बहुत कठिन लगा। खेल के नियमानुसार मैं लाइफलाइन नहीं ले सकता था, इसलिए मैंने 1 करोड़ रुपये के प्रश्न के लिए ही अपनी अंतिम लाइफलाइन का उपयोग किया।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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