कठुआ दुष्कर्म ‘छोटा मुद्दा’, बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करें : कविंद्र गुप्ता

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जम्मू एवं कश्मीर मंत्रिमंडल में सोमवार को हुए फेरबदल के बाद एक नए विवाद ने तब जन्म ले लिया जब राज्य की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में नए उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले कविंद्र गुप्ता ने कहा कि कठुआ में बच्ची के साथ हत्या व दुष्कर्म मामला ‘छोटा मुद्दा’ है और उसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करना चाहिए। उन्होंने निर्मल सिंह के स्थान पर यह पद ग्रहण किया है। गुप्ता ने कठुआ मामले पर कहा, “कठुआ मामला एक ‘छोटा मुद्दा’ है। इसे इस तरह से बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करना चाहिए।”

आरएसएस से जुड़े गुप्ता ने हालांकि बाद में अपने बयान को सही किया और कहा कि मामला पहले से ही अदालत में लंबित है और इसके बारे में निर्णय लेने के लिए इसे सर्वोच्च न्यायालय पर छोड़ देना चािहए।

उन्होंने कहा, “इसके बारे में बार-बार बात करना सही नहीं है। इसे बार-बार उछालना अच्छा नहीं है। जैसा कि मैंने पहले कहा था कि इस तरह की और भी कई घटनाएं हैं। किसी को भी जानबूझकर लोगों को इस तरह की घटनाओं पर नहीं उकसाना चाहिए।”

वहीं मंत्रिमंडल में भाजपा की ओर से कुछ नए चेहरों – राजीव जसरोटिया, सुनील कुमार शर्मा, देवेंद्र कुमार मणियाल और शक्ति राज परिहाल के साथ ही राज्य की पार्टी इकाई के प्रमुख सतपाल शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने जम्मू कन्वेंशन सेंटर में कविंद्र गुप्ता को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। भाजपा ने मंत्रिमंडल से अपने तीन मंत्रियों निर्मल सिंह, बाली भगत और प्रिया सेठी को मंत्रिमंडल से हटा दिया है।

भाजपा ने नए चेहरे राजीव जसरोटिया, सुनील कुमार शर्मा, देवेंद्र कुमार मनियाल और शक्ति राज परिहार के साथ अपने राज्य इकाई के अध्यक्ष सतपाल शर्मा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है।

इनमें से कठुआ के विधायक जसरोटिया उन लोगों में शामिल हैं जिसे खानाबदोश मुस्लिम समुदाय के खिलाफ दंगा भड़काने के प्रयास करने वाले वीडियो में देखा गया था। जसरोटिया ने कठुआ आरोपी के समर्थन में निकाली गई रैली में हिस्सा लिया था।

उल्लेखनीय है कि कठुआ दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल होने के बाद भाजपा के दो मंत्रियों चंद्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा के सभी मंत्रियों ने सरकार से इस्तीफा दे दिया था।

पीडीपी ने भी अपने वरिष्ठ नेता एवं कानून एवं ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जबकि पुलवामा से विधायक मुहम्मद खलील बंध और श्रीनगर से विधायक मुहम्मद अशरफ मीर ने कैबिनेट मंत्रियों के रूप में शपथ ली।

इस मौके पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, “दो भाजपा नेताओं को दुष्कर्म समर्थक रैली में भाग लेने पर हटा दिया गया और उसी रैली में भाग लेने वाले एक अन्य भाजपा नेता को प्रमोट कर मंत्री बना दिया गया। भाजपा/महबूबा मुफ्ती कठुआ दुष्कर्म मामले पर अपने पक्ष को लेकर इतने असमंजस की स्थिति में क्यों हैं?”

राज्य के संविधान के अनुरूप जम्मू एवं कश्मीर मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित सिर्फ 25 मंत्री ही शामिल हो सकते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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