केन-बेतवा नदी जोड़ने की डीपीआर तैयार, जल्द शुरू होगा काम : कटारिया

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नदियों को जोड़ने की महत्वकांक्षी परियोजना को पूरा करने में केंद्र सरकार ने फिर दिलचस्पी दिखाई है। केंद्रीय जलशक्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने बुधवार को बताया कि केन-बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है और इस परियोजना पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। केन नदी मध्यप्रदेश से होकर बहती है जबकि बेतवा उत्तर प्रदेश की नदी है। केन और बेतवा नदियों को जोड़ने का मकसद केन नदी का पानी बेतवा में डालना है ताकि सूखा प्रभावित बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा सुगम हो। बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के झांसी, बांदा, ललितपुर और मध्यप्रदेश के टीकमगढ़, पन्ना और छतरपुर जिले आते हैं।

कटारिया ने बताया कि नदियों को जोड़ने की अन्य चार परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने का काम प्रगति में है।

जलशक्ति राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया की अध्यक्षता में यहां स्पेशल कमेटी फॉर इंटर-लिंकिंग ऑफ रिवर्स (आईएलआर) की 17वीं बैठक हुई जिसमें जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुज्जीवन विभाग के सचिव यू. पी. सिंह, राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए) के महानिदेशक भोपाल सिंह समेत केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए कटारिया ने कहा कि नदियों को जोड़ने की परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हिमालय से निकलने वाली 16 नदियां और प्रायद्वीपीय क्षेत्र की 14 नदियां शामिल हैं।

भारत में नदियों को जोड़ने की परिकल्पना ब्रिटिश सरकार में ही की गई थी। ब्रिटिश सेना के इंजीनियर आर्थर थॉमस कॉटन ने नदियों को जोड़ने की परिकल्पना की थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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