कश्मीर: स्कूल तो खुल गए अब क्या है रणनीति?

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जयपुर। कश्मीर में केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद से माहौल और भी तनावपूर्ण बना हुआ है, जिसके बाद से जम्मू कश्मीर के प्रशासन द्वारा रोज शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करी जाती है जिसमें वह अपनी बात कहते हैं लेकिन पत्रकारों द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं देते हैं.

आपको बताते हैं कि कश्मीर में प्रशासन द्वारा पांचवी कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल भी खोला गया लेकिन वहां पर बच्चे नहीं पहुंचे क्योंकि वहां पर ले जाने के लिए अभिभावकों की मन में डर है कि कभी भी किसी भी चीज को लेकर हिंसा और इस वक्त अभी भी माहौल सामान्य नहीं है. इसके अलावा लाने और ले जाने के लिए साधनों की कमी है इसके अलावा इन छोटे बच्चों की सुरक्षा और रक्षा का भी एक बड़ा विषय बना हुआ.

इसके अलावा घाटी में अभी तक भी फोन और इंटरनेट की सेवाओं को पूरी तरीके से बहाल नहीं करा गया है ऐसे में सवाल उठना चाहिए कि जब सरकार का दावा है कि सभी कुछ सामान्य है तो फोन और इंटरनेट को सामान्य तरीके से इस्तेमाल करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है और क्यों उनके अधिकारों का इस तरीके से हनन कर आ जा रहा है.

आपको बता दें कि मंगलवार को प्रशासन ने आठवीं तक की कक्षाओं को खोलने की भी घोषणा करी है लेकिन अभी से बुधवार को खोला जा रहा है अब देखना होगा कि यहां पर क्या धीरे-धीरे इस तरीके में कोई फर्क पड़ता है लेकिन शिक्षकों और छात्रों के स्कूल में पहुंचने की वजह अधिकतर जगहों पर सख्त नाकाबंदी भी है.

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