Karnataka government ने विजयनगर को नया जिला बनाने की दी मंजूरी

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कर्नाटक कैबिनेट ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से मौजूदा बल्लारी जिले से विजयनगर को हटाकर नया जिला बनाने की मंजूरी दे दी है। नए विजयनगर जिले को मिलाकर राज्य में अब कुल 31 जिले हो जाएंगे।

कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री जे सी मधुस्वामी ने कहा कि नए विजयनगर जिले में होस्पेट, कोट्टूर, कुडलगी, हुविनाहदगाली, हरापनहल्ली और हागीरबोमनहालहल्ली तालुका शामिल होंगे।

विजयनगर अब कर्नाटक का 31 वां जिला है, जहां इसका मुख्यालय होस्पेट होगा।

विजयनगर के विधायक और वन, पर्यावरण और पारिस्थितिक विज्ञान मंत्री आनंद सिंह के नेतृत्व में लंबे समय से विजयनगर को नया जिला घोषित करने की मांग चली आ रही थी, जिसे सरकार द्वारा 18 नवंबर को हरी झंडी मिली।

विश्व प्रसिद्ध विरासत शहर हम्पी अब विजयनगर जिले का हिस्सा होगा।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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