कर्नाटकः सिर्फ चंद घंटों में कांग्रेस-जेडीएस कैसे रोक सकते हैं भाजपा को बहुमत साबित करने से?

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जयपुर। सुप्रीम कोर्ट का कर्नाटक में चल रहे ड्रामे पर फैसला आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीन जजों की बेंच ने ये साफ कर दिया है कि भाजपा को कल के कल ही बहुमत साबित करना होगा। ऐसे में भाजपा के पास चुनौती है तो बहुमत साबित करने की और कांग्रेस के पास चुनौती है कि वो भाजपा को फ्लोर टेस्ट पास ना करने दे और बाद में खुद ही बहुमत साबित कर दे।

कर्नाटक में 224 सीटों में से 222 सीटों पर विधानसभा चुनाव हुए थे। भाजपा के खाते में गए थे, 104 सीटें, कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पास हैं, 118 सीटें और निर्दलीय के पास हैं 2 सीटें। बहुमत के लिए 111 सीटों की जरुरत है, क्योंकि जेडीएस के नेता और सीएम उम्मीदवार एचडी कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत हासिल की है तो उनकी केवल 1 सीट ही मान्य होगी।

कांग्रस-जेडीएस के पास कुल विधायकों की संख्या है 118, जिसमें से कुमारस्वामी की वजह से 117 सीटें ही रह जाती हैं। कांग्रेस-जेडीएस के पास भाजपा को बहुमत साबित करने से रोकने के लिए एक ही तरीका है कि उनके सारे विधायक कल फ्लोर टेस्ट के दौरान विधानसभा में रहें और सारे के सारे विधायक अपनी पार्टियों के लिए ही वोट करें।

अनुपस्थि रहने या वोट ना देने की वजह से बहुमत का आंकड़ा घटता ही चला जाएगा। इसलिए कांग्रेस के पास एक ही विकल्प बचता है कि वो कैसे भी सारे विधायकों को विधानसभा बुलाए और सारे विधायक वोट कर सकें।

कांग्रेस के अभी तीन विधायक ही उनके संपर्क में नहीं हैं और दो निर्दलीय विधायक भी अगर भाजपा का साथ देते हुए फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं लेते हैं, तो भी कांग्रेस के पास 112 विधायक होंगे, जो कि बहुमत साबित करने के लिए काफी है।

28 घंटे में भाजपा कैसे साबित करेगी कर्नाटक में बहुमत?

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