कर्नाटक : कांग्रेस नेता का पार्टी से इस्तीफा, भाजपा में शामिल

0
430

कर्नाटक में कांग्रेस नेता ए.मंजू ने लोकसभा चुनाव के लिए जनता दल (सेकुलर) से गठबंधन करने के मुद्दे पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मंजू ने राज्य कांग्रेस प्रमुख दिनेश गुंडू राव को 17 मार्च को लिखे पत्र में कहा, “कांग्रेस में उठाए गए हालिया कदम, खासकर के जद (एस) के साथ गठबंधन एक अनर्थकारी कदम है।”

मंजू रविवार को हासन जिले में भाजपा में शामिल हो गए। वह जिले से तीन बार विधायक रहे हैं और पूर्व पशुपालन व मत्स्यपालन मंत्री भी रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleप्रमोद सावंत : आयुर्वेद के डॉक्टर से गोवा के मुख्यमंत्री तक का सफर
Next articleक्या फोर्ड फिगो 2019 मारुति सुजुकी स्विफ्ट को दे पाएगी टक्कर, पढ़ें कौन सी कार है बेस्ट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here