कर्नाटक उपचुनाव : रुझानों से भाजपा के सत्ता में बने रहने के संकेत

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कर्नाटक उपचुनाव में 15 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना के शुरुआती रुझानों से संकेत मिलता है कि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार दक्षिणी राज्य में सत्ता में बनी रहेगी। सभी विधानसभा सीटों पर सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना के एक घंटे से अधिक के शुरुआती रुझानों के अनुसार, भाजपा 8 और विपक्षी कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर एक-एक सीट पर आगे चल रही है।

भाजपा के प्रदेश इकाई के प्रवक्ता जी. मधुसूदन ने यहां आईएएनएस से कहा, “हमारे उम्मीदवार अथानी, कागवाड, गोकक, येलापुर, हिरेकुरु, विजयनगर, चिकबलापुर और रानीबेन्नुरु में आगे चल रहे हैं।”

सत्तारूढ़ दल को उपचुनाव में कम से कम सात सीटों पर जीत की जरूरत है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, विपक्षी जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) बेंगलुरु उत्तरी उपनगर में यशवंतपुरा में आगे चल रही है।

कांग्रेस बेंगलुरू मध्य के शिवाजीनगर में आगे चल रही है।

भाजपा और विपक्षी कांग्रेस ने सभी 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि जेडी-एस ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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