कपिल वधावन ने यूएई में कंपनी स्थापित करने के अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी किया था निवेश

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यस बैंक-राणा कपूर मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पाया गया है कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के सीएमडी कपिल वधावन ने 2007-08 में अपना रियल्टी कारोबार शुरू किया था। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में वधावन इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (डब्ल्यूआईआईएल) का गठन करके कारोबार शुरू किया और कंपनी के पास ऑस्ट्रेलिया में 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ईडी के पूरक आरोप पत्र में इसका वर्णन किया गया है, जो कि 13 जुलाई को मुंबई की एक पीएमएलए अदालत में दायर किया गया था, जिसमें 11 अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं।

100 पन्नों के आरोप पत्र में 19 व्यक्तियों या संस्थाएं नामजद हैं, जिनमें से आठ का नाम पिछले आरोप पत्र में भी था, जिसे धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत विशेष अदालत में दायर किया गया है।

आरोपियों में वधावन, उनके भाई और डीएचएफएल के गैर-कार्यकारी निदेशक धीरज वधावन, यस बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ राणा कपूर, उनकी पत्नी बिंदू, उनकी बेटियां राधा, रेखा और रोशनी के साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेंट धूलेश जैन शामिल हैं।

जिन संस्थाओं के नाम शामिल किए गए हैं, उनमें डीएचएफएल, यस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड, डीओआईटी अर्बन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, रब वेंचर्स, क्य्टा एडवाइजर्स लिमिटेड, आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स, मॉर्गन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड, बिलीफ रियल्टी, गोल्डन वेस्टर्न लिमिटेड, सप्तपति ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड और वालेंसिया डेवलपर्स हैं।

ईडी के आरोप पत्र में लिखा है, “कपिल वधावन ने 2007-08 या उसके आसपास एक स्थानीय अमीरात परिवार, सईद अल रकबानी के साथ साझेदारी में संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने रियल्टी व्यवसाय की शुरूआत की।”

आरोप पत्र में कहा गया, “इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया में भी उनकी कुछ व्यापारिक रुचि थी। ऑस्ट्रेलिया में उन्हें डब्ल्यूआईआईएल द्वारा संचालित संपत्ति/परियोजनाएं मिली हैं। ऑस्ट्रेलिया में डब्ल्यूआईआईएल ने सेंट्रल मेलबोर्न में एक प्रमुख संपत्ति (गोदाम से युक्त भूमि) में निवेश किया है और ऑस्ट्रेलियाई संपत्ति का वर्तमान मूल्य लगभग 1,000 करोड़ रुपये है।”

वर्तमान में यह संपत्ति किराए पर दी गई है।

ईडी ने कहा कि जब डब्ल्यूआईआईएल के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के बारे में पूछा गया, तो कपिल वधावन ने कहा कि भारत में वधावन समूह की कुछ कंपनियों ने इसके लिए ऋण विस्तारित किया था और बाद में इन ऋणों को इक्विटी में बदल दिया गया और इस प्रकार ये कंपनियां डब्ल्यूआईआईएल में शेयरधारक बन गईं।

यह भी कहा गया है कि कुछ वधावन समूह की निवेशक कंपनियों, जैसे कि वधावन होल्डिंग्स लिमिटेड (डब्ल्यूएचएल), आशियाना रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड (आशियाना), रिसोर्सेस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और यार्डीस्टिक्स डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने डब्ल्यूआईआईएल में लगभग 1,00 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश किए हैं, जिसे बाद में यूएई में रियल्टी परियोजनाओं के विकास के लिए और मेलबोर्न में लगभग तीन एकड़ भूमि खरीदने के लिए निवेश किया गया।

ईडी ने कहा कि धीरज वधावन ने यह भी बताया कि डब्ल्यूआईआईएल ने दो देशों यूएई और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किया था और कंपनी ने 12,500 वर्ग मीटर भूमि में निवेश किया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया में एक गोदाम शामिल है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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