कानपुर कांड की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो जांच : संजय सिंह

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आम आदमी पार्टी के सांसद और उप्र प्रभारी संजय सिंह ने कानपुर के बिकरू गांव में डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की है। कानपुर गोलीकांड में शहीद हुए बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र के परिजनों से मिलने सोमवार को पहुंचे संजय सिंह ने कहा, “पुलिस को बाहर से ज्यादा अपने अंदर से खतरा था। शहीद के परिवारीजनों ने जो कागजात दिखाए हैं, वें चौंकाने वाले हैं। सीओ अपने उच्चाधिकारियों को लगातार स्थिति की जानकारी देते रहे, मगर अनसुना किया जाता रहा।”

सीओ देवेंद्र मिश्र के परिवारीजनों को सांत्वना देने स्वरूप नगर स्थित उनके आवास पहुंचे आप सांसद ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि यह सामान्य घटना नहीं है। एक बड़े अपराधी, जिसने आठ पुलिस कर्मियों को शहीद कर दिया, अभी तक पकड़ा नहीं गया है। अगर इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए, तभी पूरा सच सामने आ जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिस गैंगस्टर पर 60 संगीन मुकदमे दर्ज थे, वह बाहर घूम रहा था। आखिर उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? जांच से खुलासा हो जाएगा कि विकास दुबे को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। सांसद ने शहीद की बेटी के आशंका जताने पर कहा कि मुख्यमंत्री परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराएं।

सांसद संजय सिंह ने 14 मार्च को सीओ देवेंद्र मिश्रा द्वारा अपने अधिकारियों को लिखे पत्र का भी जिक्र किया। पत्र में उन्होंने गंभीर घटना होने की आशंका जताई थी और एसओ विनय तिवारी और विकास दुबे के बीच मिलीभगत का खुलासा किया था। यदि विभागीय अधिकारी शहीद देवेंद्र मिश्र द्वारा लिखे पत्र को गंभीरता से लेकर विकास दुबे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते तो इतनी बड़ी घटना न हो पाती।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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