कमलनाथ बेकाबू जहाज के कप्तान जैसे : भाजपा

0
49

मध्यप्रदेश में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज किए जाने के बाद अफसरों और मंत्रियों के बीच जारी खींचतान को लेकर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को ‘बेकाबू जहाज का कप्तान’ बताया है। सिंह की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया है कि कहने को भले ही कमलनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री हों, लेकिन उनकी स्थिति उस जहाज के कप्तान जैसी है, जिसकी हर प्रणाली नियंत्रण से बाहर हो चुकी है और स्टाफ के सदस्य बिना किसी सामंजस्य के मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोई किसी को नीचा दिखाने का प्रयास कर रहा है, तो कोई किसी को उसकी हैसियत दिखाने हथकंडेबाजी कर रहा है। ऐसे में यह सुनिश्चित हो चुका है कि प्रदेश सरकार रूपी यह डगमगाता जहाज विकास की मंजिल तो दूर, उसके रास्ते पर भी नहीं आ सकेगा।

सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार में व्याप्त ऊहापोह की स्थिति का सबसे ताजा उदाहरण आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल के खिलाफ ईओडब्लू द्वारा शुरू की गई जांच का है। इस मामले को लेकर आईएएस एवं आईपीएस लॉबी फिर आमने-सामने है और सामान्य प्रशासन मंत्री को इसकी जानकारी ही नहीं है कि कौन क्या कह रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “ईओडब्लू ने जांच शुरू की, तो आईएएस अधिकारी एसोसिएशन की त्यौरियां चढ़ गईं। एसोसिएशन की अध्यक्ष गौरी सिंह ने मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर विभिन्न जांच एजेंसियों के लिए एडवायजरी जारी करने की मांग कर डाली है। इस मामले में कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि जांच जारी रहेगी, तो सामान्य प्रशासन मंत्री को यह पता ही नहीं है कि आईएएस एसोसिएशन किस तरह ईओडब्लू पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleVivo Y11 2019 स्मार्टफोन को लाँच कर दिया गया है, जानें इसके बारे में
Next articleवास्तुशास्त्र: ईशान दिशा में भूलकर भी ना रखें ये चीजें, वरना होगी बर्बादी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here