Ahmed Patel के निधन पर कमल नाथ व दिग्विजय ने जताया शोक

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के निधन पर मध्यप्रदेश के कांग्रेसजनों में शोक की लहर है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह तथा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने अहमद पटेल के निधन को कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति बताया है। कांग्रेस नेता अहमद पटेल पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्होंने बुधवार तड़के अंतिम सांस ली। पटेल के निधन पर कमल नाथ ने कहा, मेरे बेहद करीबी मित्र, वर्षों के साथी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के दुखद निधन का समाचार स्तब्ध करने वाला है। उनका निधन मेरे लिये बेहद व्यक्तिगत क्षति है। उनका असमय चले जाना कांग्रेस परिवार के लिये ऐसी क्षति है जो सदैव अपूर्णीय है। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं।

दिग्विजय सिंह ने कहा, अहमद पटेल नहीं रहे। एक अभिन्न मित्र विश्वसनीय साथी चला गया। हम दोनों साल 77 से साथ रहे। वे लोकसभा में पहुंचे, मैं विधान सभा में। हम सभी कांग्रेसियों के लिए वे हर राजनैतिक मर्ज की दवा थे। मृदुभाषी, व्यवहार कुशल और सदैव मुस्कुराते रहना उनकी पहचान थी।

अहमद पटेल की क्षमताओं को याद करते हुए सिंह ने कहा कोई भी कितना ही गुस्सा हो जाए, उनमें यह क्षमता थी वे उसे संतुष्ट कर ही भेजते थे। मीडिया से दूर, पर कांग्रेस के हर फैसले में शामिल। कड़वी बात भी बेहद मीठे शब्दों में कहना उनसे कोई सीख सकता था। कांग्रेस पार्टी उनका योगदान कभी नहीं भुला सकती। अहमद भाई अमर रहें।

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने अहमद पटेल के निधन पर कहा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस अध्यक्षा के राजनीतिक सलाहकार श्री अहमद पटेल जी के निधन की खबर दु:खद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिरशांति प्रदान करें एवं उनके परिजनों को इस गहन आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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