बच्चों के लिए वैश्विक टास्क फोर्स के गठन की मांग करेंगे कैलाश सत्यार्थी

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नोबेल पुरस्कार विजेता बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि वह सभी संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के लिए ग्लोबल टास्क फोर्स के गठन की मांग करेंगे, ताकि समयबद्ध तरीके से बच्चों के कल्याण से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार मिले पांच साल हो गए हैं। इस उपलक्ष्य में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में एक आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सत्यार्थी ने कहा कि अगर बाल अधिकारों की दिशा में ढीला रवैया अपनाया गया तो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 8.7 के लिए प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया जा सकेगा। यह लक्ष्य 2025 के अंत तक बाल श्रम व मानव तस्करी के उन्मूलन के तत्काल उपायों के लिए रखा गया है। इस दिशा में किसी भी तरह की उदासीनता बच्चों से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को अधूरा छोड़ देगी।

उन्होंने कहा, “बच्चों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए ‘सत्यार्थी आंदोलन’ यूनिसेफ, यूनेस्को, आईएलओ, यूएनएचसीआर व उन अन्य सभी संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के लिए ग्लोबल टास्क फोर्स के गठन की मांग करेगा जो बच्चों के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही हैं।”

इस दौरान सत्यार्थी ने गायिका मालिनी अवस्थी और प्रख्यात हिंदी कवि कुमार विश्वास के साथ एक सप्ताह तक चलने वाली फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। यह प्रदर्शनी 10 से 16 अक्टूबर तक चलेगी। इसमें बच्चों के हितों के लिए सत्यार्थी आंदोलन के चार दशक लंबे संघर्ष को प्रदर्शित किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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