कूड़े के ढेर के पास कुर्सी लगा कर बैठ गए जज, “जब तक सफाई नहीं हो जाती, यहीं बैठा रहूंगा”

केरल का अर्नाकुलम ज़िला। यहां ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी हैं, ए एम बशीर। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी सेक्रटरी के पोस्ट पर काबिज हैं। सब-जज भी हैं। लेकिन धरने पर बैठ गए। क्यों?

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जयपुर। स्व्चछ भारत अभियान। इस अभियान के बारे में इतना शोर मिलने को मिला है, जितना किसी और सरकारी अभियान को ना मिला हो। इस अभियान के आने के बाद से देश भर में सफाई के चर्चे होने लगे। सरकार अपनी पीठ थपथपाती रही और कई लोग इस अभियान को हो-हल्ला बताते रहे।

खैर ये अभियान कितना सही साबित हुआ है, ये तो ज़मीनी हकीकत से ही पता चलेगा। लेकिन केरल के जज ने जो कारनामा किया है, वो किसी भी संस्थान के सदस्य के द्वारा किया जाने वाला एक ठोस और बढ़िया कदम बताया जा सकता है।swach-bhart-abhiyan

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केरल का अर्नाकुलम ज़िला। यहां ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी हैं, ए एम बशीर। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी सेक्रटरी के पोस्ट पर काबिज हैं। सब-जज भी हैं। लेकिन धरने पर बैठ गए। क्यों?

दरअसल वो इलाके के कचरे से परेशान हो गए थे। परेशान वो इलाके की जनता की परेशानी से हो गए थे। इसलिए चेहरे पर मास्क लगाया और बैठ गए धरने पर। कहा कि जब तक कचरा साफ नहीं हो जाता, यहीं बैठे रहेंगे।

बशीर साहब गए थे, इंस्पेक्शन पर। लोगों ने शिकायत की थी, कि कचरे से गंध फैल रही है, वो भी काफी दिनों से। कोई उनकी शिकायत सुनने वाला नहीं है। कचरे में सड़ी हुई सब्ज़ियां, फल और तमाम तरह की बाकी सड़ी हुई चीज़ें शामिल थीं। बारिश के मौसम होने की वजह से गंध एक तरह के रोग की तरह फैल रहा था।

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जज साहब इंसपेक्शन पर पहुंचे। लोगों की समस्या सुनीं और सफाई के लिए उपयुक्त संस्थान को कहा। और खुद चेहरे पर मास्क लगाई, कुर्सी पर बैठ गए। कह दिया कि जब तक कचरा साफ ना हो जाए, यहीं बैठे रहेंगे।

फिर क्या था। आननन फानन में नगर निगम से सफाईकर्मी क्रेन लेकर पहुंचे और फौरम ही सारी सफाई कर डाली।

बशीर साहब की तस्वीर लोगों ने सोशल मीडिया पर फैलाई है। ना कि वो बाकी नामचीन हस्तियों की तरह मीडिया वालों को लेकर आए और ना ही ऐसा किया कि जब तक कैमरा ना शुरु हो जाए, तब तक सफाई शुरु नहीं करेंगे।

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