Jindal School of Banking and Finance ने बनाया अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड

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ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) के जिंदल स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस ने एक हाई-प्रोफाइल अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। वित्तीय बाजारों में चल रही वैश्विक मंदी और सुस्ती के बीच वित्त शिक्षा को फिर से आकार देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए बोर्ड की पहली बैठक शनिवार को आयोजित की गई थी।

जेएसबीएफ सलाहकार बोर्ड में भारत, अमेरिका, फ्रांस, इजरायल और ऑस्ट्रेलिया में वित्त के क्षेत्र में वरिष्ठ बैंकरों और विद्वानों में से कुछ सदस्यों को शामिल किया गया है।

जेएसबीएफ सलाहकार बोर्ड बैंकिंग और वित्त उद्योग का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें वी.के. बंसल (अध्यक्ष, मॉर्गन स्टेनली इंडिया), राजीव ऑबेरॉय (वरिष्ठ समूह अध्यक्ष, यस बैंक इंडिया), अमर सुंदरम (जनरल काउंसिल, रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड इंडिया), मोहित शुक्ला (प्रबंध निदेशक, बार्कलेज इंडिया), श्री पार्थसारथी (पार्टनर एंड नेशनल लीडर, डिलोइट इंडिया), सलोनी झवेरी (हेड इन्वेस्टर रिलेशंस एंड पार्टनरशिप, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्च रल फंड) और नितिन शाह (ग्लोबल फाइनेंसियल सर्विस इंडस्ट्री में प्रबंध निदेशक) शामिल हैं।

जेएसबीएफ एडवाइजरी बोर्ड में शिक्षाविद् और नीति निर्धारक सहित कई दिग्गज शामिल हैं। इनमें भारत के वर्तमान इजरायल राजदूत रॉन मलका, जिन्होंने पहले टेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख के रूप में कार्य किया था, क्रिस्टोफ जाफरलॉट (किंग्स कॉलेज लंदन), मुंबई की पूर्व शेरिफ और आईएसएमई स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप की अध्यक्ष इंदु शाहानी, श्याम सुंदर (येल यूनिवर्सिटी), फिलोमेना लेउंग (मैक्वेरी विश्वविद्यालय), माइक इविंग (डीकिन विश्वविद्यालय) और सारा केली (क्वींसलैंड विश्वविद्यालय) शामिल हैं।

जिंदल स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (जेएसबीएफ) एक इनोवेटिव तीन साल के बी.कॉम. (ऑनर्स) कार्यक्रम उपलब्ध कराता है, जिसके तहत छात्रों को वित्त, अकाउंटिंग, बैंकिंग, कानून और प्रौद्योगिकी में समकालीन मुद्दों पर ज्ञान प्रदान करेगा। बोर्ड ने तीन साल के बीए (ऑनर्स) फाइनेंस एंड एंटरप्रेन्योरशिप पर भी चर्चा की, जिसे जेएसबीएफ अगले महीने लॉन्च करेगा। भारत में अपनी तरह के इस स्नातक कार्यक्रम का पहला सत्र अगस्त 2021 से शुरू होगा।

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति सी. राज कुमार ने कहा, “साल 2018 में ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के आठवें स्कूल के तौर पर स्थापित किए गए जिंदल स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस एक संस्था के रूप में वैश्विक प्रासंगिकता के सामाजिक, पर्यावरण, और नैतिक मुद्दों के बारे में जागरूक पेशेवरों को विकसित करने के लिए नई प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाली वित्त और वित्तीय सेवाओं पर केंद्रित है। जेएसबीएफ, जेजीयू के मूल्यों को विश्वस्तरीय शिक्षा, अंतर-अनुशासनात्मक शिक्षा और छात्रों को वैश्विक संपर्क प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

जिंदल स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस के डीन और सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष आशीष भारद्वाज ने कहा, “सामूहिक ज्ञान, अंतर-अनुशासनात्मक विशेषज्ञता और हमारे बोर्ड के सदस्यों के विशाल अनुभव जेएसबीएफ के लक्ष्यों को परिभाषित करने में मदद करेंगे, साथ ही उन्हें प्राप्त करने के साधन भी। हम वित्तीय समावेशन, एसेस, नैतिकता और स्थिरता की वर्तमान चुनौतियों का समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं, और प्रयास कर रहे हैं कि इन्हें हम अपने स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस के पाठ्यक्रम में कैसे समायोजित करें। हम पोस्ट कोविड-19 की दुनिया के लिए वित्त शिक्षा को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं।”

मॉर्गन स्टेनली इनवेस्टमेंट बैंकिंग इंडिया के अध्यक्ष वी.के. बंसल ने बेहतर प्रबंधन और सभी वित्तीय संस्थानों के लिए बेहतर निर्णय लेने के लिए डेटा साइंस के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षण कौशल और उपकरणों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो वित्त उद्योग का समर्थन और प्रगति करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। फाइनेंस में डेटा विज्ञान, डेटा माइनिंग, मशीन लर्निग और बड़े डेटा एनालिटिक्स के लिए एक अंतर-अनुशासनात्मक क्षेत्र है, और इसे तेजी से ट्रैक करना होगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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