झारखंड विधानसभा : शुरुआती रुझानों के बाद भाजपा ने आजसू, झाविमो से संपर्क साधा

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झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आला नेताओ ने आजसू और झाविमो से सपंर्क साधने शुरू कर दिए हैं। इसके पहले 20 दिसंबर को जब एग्जिट पोल के अनुमान आए थे तो मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ‘अबकी बार 65 पार’ का दावा किया था। लेकिन शुरुआती रुझानों में बहुमत से पिछड़ने के संकेत मिल रहे हैं।

रघुवर दास ने दावा किया था कि ‘जनता ने विकास के लिए डबल इंजन की सरकार के पक्ष में वोट किया है।’

गौरतलब है कि एग्जिट पोल में भाजपा 22 से 32 सीटों पर सिमटती नजर आई थी, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) 38 से 50 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती नजर आई थी।

भले ही आजसू और भाजपा ने एक साथ चुनाव नहीं लड़े हैं, लेकिन न तो भाजपा और न आजसू के सुदेश महतो ने कभी भी दोनों दलों के बड़े नेताओं पर सीधा निशाना साधा।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अंतिम समय तक आजसू के साथ गठबंधन की वकालत करते रहे। वहीं बाबू लाल मरांडी स्वयंसेवक (आरएसएस) रहे हैं। भाजपा से वह राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। लिहाजा संघ के बड़े नेताओं ने पहले ही बाबू लाल से सर्पक साध रखा है।

इधर रविवार को ही भाजपा के राज्य प्रभारी ओम माथुर, सह सगठन मंत्री सौदान सिंह और चुनाव सह प्रभरी नित्यानन्द राय रांची पहुंच गए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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