JGLS भारत में बनी सबसे बड़ी लॉ फैकल्टी

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ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (जेजीएलएस) ने 103 नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की है, जिनमें 42 अकादमिक ट्यूटर और टीआरआईपी फेलो हैं, जिसे मिलाकर साल 2020-2021 के शैक्षणिक सत्र में कुल संकाय सदस्यों की संख्या 425 हो गई है। इनके अलावा, देश के सर्वोच्च न्यायालय के 12 वरिष्ठ अधिवक्ताओं और 11 कॉर्पोरेट लॉ फर्म के सहभागी भी शामिल किए गए हैं, जो लॉयरिंग एक्सीलेंस फॉर एडवोकेसी डेवलपमेंट (एलईएडी या लीड) प्रोग्राम और कॉर्पोरेट लॉयरिंग एडवांसमेंट थ्रू इमरशन एंड मेनटॉरिंग (सीएलएआईएम या क्लैम) प्रोग्राम के तहत यहां के विद्यार्थियों को कानून की उत्कृष्टता का पाठ पढ़ाएंगे।

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) के संस्थापक कुलपति सी. राज कुमार ने कहा, “यह किसी नए बने विश्वविद्यालय के लिए एक मील का पत्थर है, जो इस महीने के अंत तक ग्यारह साल का हो जाएगा। विद्वानों और शोधकर्ताओं के एक विशिष्ट समुदाय का हिस्सा बनने के लिए हमने भारत सहित दुनिया भर से कुछ खास व्यक्तित्वों का चुनाव किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “वर्तमान समय में वैश्विक महामारी के बावजूद भी हम अपनी संस्थागत जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे, अपने विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे और शिक्षा, अनुसंधान और समाज में परिवर्तन लाने की दिशा में काम करते रहेंगे। जेजीयू, फैकल्टी और स्टूडेंट का अनुपात 1:9 बनाए रखेगी, जो किसी भी वक्त विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी, खासकर एक ऐसी चुनौतीपूर्ण घड़ी में।”

अपनी बात को जारी रखते उन्होंने आगे यह भी बताया, “यह उल्लेखनीय है कि जेजीएलएस में जितने भी पूर्णकालिक संकाय सदस्य हैं, वह यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया की विनियामक आवश्यकताओं की तुलना में चार गुना अधिक है और ऐसा यहां कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की अधिक संख्या को ध्यान में रखकर किया गया है।”

जेजीयू द्वारा शामिल किए गए इन नए 165 संकाय सदस्यों में 68 अकादमिक ट्यूटर्स और टीआरआईपी फेलो हैं। संस्थान में इनकी मदद से विद्यार्थियों को सीखने के और भी व्यापक अवसर मिलेंगे।

ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) में रजिस्ट्रार देबीरू श्रीधर पटनायक ने कहा, “विश्वविद्यालय ने संकाय सदस्यों को शामिल करने की प्रक्रिया को निरंतरता बरकरार रखा है, जिनके पास उत्कृष्ट शैक्षणिक योग्यता, बेहतरीन अनुभव व संस्था के विकास के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता है। यह जेजीयू के लिए भी एक विशेष उपलब्धि है कि यहां के 63 प्रतिशत संकाय सदस्यों के पास दुनिया के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कम से कम एक इंटरनेशनल क्वालिफिकेशन है।”

मार्च 2020 में, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की इस साल की रैंकिंग में जेजीएलएस को भारत के सर्वश्रेष्ठ लॉ स्कूल की मान्यता दी गई और साथ ही यह दुनिया के सबसे बेहतरीन 101-150 लॉ स्कूलों में भी शामिल रहा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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