आखिरकार जेट एयरवेज ने रोकी उड़ान, 20 हजार लोगों के सामने रोजगार का संकट

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जयपुर।पिछले कुछ समय से नगदी के संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने अब आखिरकार अपनी सेवाएं बंद कर दी है बुधवार को अपने विमान सेवा परिचालन के अस्थाई तौर पर रोकने की घोषणा को जेट एयरवेज ने कही है आपको बता दें कि जेट एयरवेज के संचालन को जारी रखने के लिए बैंकों द्वारा जेट एयरवेज के उच्च स्तरीय बैठक हुई थी लेकिन उस बैठक का कोई निर्णय नहीं निकल सका और इसके बाद अब नदी के संकट से जूझ रही जेट एयरवेज का स्थाई तौर पर परिचालन रोक दिया गया है.

बताया जा रहा है कि बैंकों के समूह द्वारा चार सौ करो रुपए की त्वरित रन सहायता उपलब्ध कराने से इनकार कर दिए जाने के बाद एयरलाइंस को यह फैसला लेना पड़ा है वही जेट एयरवेज के परिचालन बंद करने के फैसले से जहां यात्रियों एयरलाइन की आपूर्तिकर्ताओं को करोड़ों रुपए फस गए हैं वहीं इसके अलावा 20000 से भी अधिक कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटक गया है वहीं पर बैंकों का 8500 करोड रुपए से भी अधिक का बकाया चल रहा है.

एक तरफ यात्रियों की किराया भाड़ा कर्मचारियों की सैलरी और उसके ऊपर बैंकों का कर्ज जेट एयरवेज के लिए अब मुश्किल किसान खटिया खड़ी कर सकता है वहीं करीब एक दशक तक लोगों को विमान सेवाएं देने वाली एलाइन ने कहा कि बुधवार मध्यरात्रि को अमृतसर से नई दिल्ली के लिए उसकी आखिरी उड़ान होगी और उसके बाद उसकी विमान सेवाओं को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया जाएगा.

नहीं आपको बता दें इस पूरे मामले को लेकर नरेश गोयल द्वारा की गई जेट एयरवेज की ढाई दशक तक लाखों यात्रियों की विभाग सीमाओं को उपलब्ध कराने लेकिन 2010 के संकट के बाद एयरलाइन कर्ज के संकट से गहराने लगा है और 2019 आते-आते के संकट इतना बढ़ गया है कि अब एयरलाइन को अपना बिजनेस अस्थाई तौर पर बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

आपको बता दें कि एलेन ने बुधवार को अपने बयान जारी करते हुए कहा कि ऋण दाता बैंकों की तरफ से आप पात्र सहायता नहीं मिलने की वजह से परिचालन जारी रखने के लिए इंधन और दूसरी सेवाओं की जरूरतों के लिए पैसा नहीं है और इसी कारण कि से चलते अस्थाई तौर पर हम अपनी सेवाओं को तुरंत प्रभाव से बंद कर रहे हैं जिससे चलते अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को निरस्त करा जा रहा है.

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