जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान कब और क्यों बना

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जयपुर। जैसा कि आप सब जानते हैं कि राष्ट्रगान ऐसा गीत है जो किसी भी देश के इतिहास को दर्शाता है। तथा देश की एलग ही पहचान बताता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ है। भारत के राष्ट्रगान को रविन्द्रनाथ टैगोर ने लिखा था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत के राष्ट्रगान को बंगाली भाषा में लिखा था।

आपको बता दें कि राष्ट्रगान को सबसे पहले 24 जनवरी, 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा जन गण मन को राष्ट्रगान के रूप में घोषित किया था। आपकी राजनकारी के लिए बता दें कि जन गण मन को भारत में गणतंत्र दिवस तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के सभी स्कूल, कॉलेज,तथा सरकारी कार्यालयों में झंड़ा रोहण के समय गाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रगान को भारत के समस्त सिनेमाघरों में भी फिल्म शुरू होने से पहले बजाया जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रगान को 52 सेकेण्ड में ही खतम करना होता है। इसकी अभधी 25 सेकंड़ रखी गई है। लेकिन इसे बिशेष अवसरों पर कम समय में भी गाया जा सकता है। आपको बता दें कि राष्ट्रगान को संक्षिप्त में गाने में सिर्फ 20 सेकेण्ड ही लगते हैं। क्योंकि ऐसे समय में राष्ट्रगान की पहली और अंतिम पंक्तियों को ही गाया जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1911 में जब दिल्ली को कलकत्ता की जगह भारत की राजधानी बनाया गया था। उस समय राजधानी दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया था। जिसमें इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम को भी आमंत्रित किया गया था। तथा कहा जाता है कि तब रवीन्द्रनाथ टैगोर से जर्ज पंचम के स्वागत के लिए गीत लिखने को कहा गया था। तब टैगोर ने बंगाली भाषा के ‘जन गण मन’ को एक कविता के रूप में लिखा था। आपको बता दें कि राष्ट्रगान सबसे पहले जार्ड पंचम के स्वागत के लिए गाया गया था। जिसके हिंदी में अर्थ है कि भारत के नागरिक, भारत की जनता अपने मन से आपको भारत का भाग्य विधाता समझती है।

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