जम्मू कश्मीर : ट्यूशन सेंटर में विस्फोट, अब तक 28 छात्र घायल

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जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार को एक ट्यूशन सेंटर में शक्तिशाली और रहस्यमयी विस्फोट में 28 छात्र घायल हो गए। विस्फोट के बाद नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर काकापोरा कस्बे के समीप नरबल गांव में स्थित ट्यूशन-कम-कोचिंग सेंटर एक निजी स्कूल ‘फलाए-ए-मिल्लत’ में चलाया जा रहा था।

शीतकालीन अवकाश के कारण इन दिनों कश्मीर घाटी में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं।

पुलवामा जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि उनके पास 17 घायल छात्रों को लाया गया, जिनमें से तीन की हालत गंभीर थी। गंभीर रूप से घायल छात्रों को विशेष उपचार के लिए श्रीनगर रेफर कर दिया गया।

11 अन्य छात्रों को पंपोर कस्बे के उप जिला अस्पताल ले जाया गया और उनमें से भी तीन को श्रीनगर स्थानांतरित किया गया।

श्रीनगर में भर्ती सभी छह छात्रों की हालत स्थिर है।

10वीं कक्षा को पढ़ाते वक्त बाल-बाल बचे श्क्षिक जावेद अहमद को याद नहीं आ रहा कि वास्तव में वहां हुआ क्या।

उन्होंने कहा, “वहां बहरा कर देने वाला विस्फोट हुआ, जिसके बाद कक्षा के भीतर सबकुछ उजड़ गया। ईमानदारी से कहूं तो मुझे इस बात का अंदाजा नहीं है कि कितने छात्र घायल हुए हैं।”

पुलिस ने कहा कि इस बात का पता लगाया जा रहा है कि विस्फोट कैसे और क्यों हुआ।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने घटना पर गहरा अफसोस व्यक्त किया है और प्रत्येक घायल छात्र को 50-50 हजार रुपये की मदद मंजूर की है।

पहले रिपोर्ट आई थी कि विस्फोट उस समय हुआ, जब सेंटर का एक छात्र एक ग्रेनेड को उलट-पलट रहा था। लेकिन, इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हुई।

नरबल गांव में विस्फोट की खबर फैलते ही सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच झड़प हो गई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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