जम्मू एवं कश्मीर पंचायत चुनाव : छठे चरण के लिए मतदान जारी

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जम्मू एवं कश्मीर पंचायत चुनाव के छठे चरण के शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हो रहा है। सुबह के समय ठंड के बावजूद जम्मू और कश्मीर दोनों जगह मतदाताओं को मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में देखा गया। मतदान की प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू हुई और यह दोपहर दो बजे तक जारी रहेगी।

इस चरण में मतदान 3,174 मतदान केंद्रों पर हो रहा है, जिसमें से 410 कश्मीर और 2,764 जम्मू में है। राज्य में 771 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है, जिसमें से 410 कस्मीर और 361 जम्मू में है।

इस चरण में कुल 7,156 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है, जिनमें से 406 सरपंच और 2,277 पंच सीटों के लिए है। मतदाताओं को उनके मतदान केंद्रों के बारे में सूचित करने के लिए फोटो वोटर स्लिप वितरित कर दी गई है। राज्य में नौ चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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