Jamia को मिला नया ‘स्कूल ऑफ एजुकेशन’

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सोमवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के नवनिर्मित स्कूल ऑफ एजुकेशन भवन का उद्घाटन किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जामिया मिलिया इस्लामिया की फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के इस स्कूल ऑफ एजुकेशन भवन का उद्घाटन किया। इस इमारत का निर्माण भारत सरकार के, पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग योजना के तहत मिले अनुदान से किया गया है।

इस मौके पर जामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने नए भवन के निर्माण के लिए दी गई वित्तीय सहायता के लिए शिक्षा मंत्री को धन्यवाद दिया और उनसे गुजारिश की कि नए भवन में आईसीटी इन्फ्रास्टक्च र और अन्य उपकरणों को मुहैया कराने में भी सहयोग करें।

प्रो अ़ख्तर ने कहा, “जामिया नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने की पूरी कोशिश करेगा। एनईपी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। जामिया को मेडिकल कॉलेज-कम-हॉस्पिटल बनाने के लिए सरकार के समर्थन की जरूरत है। ऐसा इसलिए भी आवश्यक है, क्योंकि विश्वविद्यालय के आसपास कोई भी सरकारी अस्पताल नहीं है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा मंत्रालय निकट भविष्य में विश्वविद्यालय की लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर ध्यान देगा। विश्वविद्यालय के कर्मचारी और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग, खासतौर से कोविड के समय में, सरकारी अस्पताल की सख्त जरूरत महसूस कर रहे हैं।

माननीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नए भवन के लिए जामिया युनिवर्सिटी को मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा, “जामिया अपने 100 साल के सफर में ढेर सारी चुनौतियों का सामना करते हुए आज देश के शीर्ष संस्थानों में से एक है। सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शिक्षकों को जाता है।”

पोखरियाल ने कुलपति प्रो. नजमा अख्तर और विश्वविद्यालय के प्रशासनिक मामलों की उनकी टीम की कोशिशों की सराहना करते हुए कहा, “समय बर्बाद किए बिना जामिया एक मिशन मोड पर काम कर रहा है और अच्छे नतीजे उन कोशिशों के गवाह हैं। जामिया भविष्य में भी आशा का केंद्र बनेगा।”

इससे पहले, एजुकेशन फैकल्टी के डीन प्रो. एजाज मसीह ने नए भवन के बारे में एक संक्षिप्त परिचय दिया। कार्यक्रम, जामिया के रजिस्ट्रार ए.पी. सिद्दीकी (आईपीएस) के धन्यवाद प्रस्ताव की औपचारिकता के साथ संपन्न हुआ।

न्यूज स्त्रोत आइएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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