क्रिकेट जगत में जेटली का नाम सदा अमर रहेगा : रजत शर्मा

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दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रजत शर्मा ने गुरुवार को दिवंगत अरुण जेटली के सम्मान समारोह में कहा कि फिरोज शाह कोटला स्टेडियम का बदला हुआ नाम डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री जेटली को क्रिकेट जगत में अमर कर देगा। डीडीसीए ने कोटला स्टेडियम का नाम बदल कर अरुण जेटली स्टेडियम करने का फैसला किया है। डीडीसीए द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, खेल मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर के अलावा कई राजनेता उपस्थित रहे। साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और प्रशासकों की समिति (सीओए) ने भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टी-20 मैचों के लिए चुनी गई भारतीय टीम के सभी सदस्य भी इस समारोह में मौजूद रहे। इनके अलावा कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की जिसमें कपिल देव, अजय जडेजा, अतुल वासन के नाम शामिल हैं। इस दौरान जेटली का परिवार भी उपस्थित रहा।

इस मौके पर डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा ने कहा, “जेटली के लिए क्रिकेट एक जुनून था। उन्हें खेल की अच्छी खासी जानकारी थी। वह 13 साल डीडीसीए के अध्यक्ष रहे। दिल्ली के सभी क्रिकेटर जेटली जी को बड़े आदर से याद करते हैं क्योंकि जेटली ने सभी को बड़ा खिलाड़ी बनाने में मदद की। जेटली की यादों को सहजने के लिए और उन्हें अमर बनाने के लिए इससे अच्छा और कुछ नहीं हो सकता।”

डीडीसीए अध्यक्ष ने अपने संबोधन में दिल्ली में दो क्रिकेट अकादमियां और एक ऑल वेदर पिच बनाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा, “डीडीसीए ने दो अकादमियां बनाने का फैसला किया है। इसके लिए डीडीए ने जमीन दी है। इनके माध्यम से हम गरीब बच्चों को कोचिंग देंगे। हम कोशिश करेंगे कि जिन लोगों के पास पैसा नहीं हैं, हम उनकी मदद कर सकें और उन्हें मुफ्त में ट्रेनिंग मिले। हमारी कोशिश दिल्ली से अगले विराट, सहवाग, कपिल बनाने की है।”

शर्मा ने साथ ही कहा कि डीडीसीए ने अपने खिलाड़ियों को मेडिकल इंश्योरेंस मुहैया कराने का फैसला किया है। रजत ने कहा, “पूर्व खिलाड़ियों के इलाज के लिए डीडीसीए पांच लाख रुपये तक मदद मुहैया कराएगा। साथ ही डीडीसीए ने खिलाड़ियों का अलाउंस दोगुना करने का फैसला किया है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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