हबहॉपर ओरिजिनल लांच, भारतीय कहानीकारों को मिलेगी आवाज

0
76

भारत की सबसे बड़ी पॉडकास्ट डायरेक्टरी ने भारतभर के सभी आयु समूहों के स्वतंत्र पॉडकास्टर्स को प्रोत्साहन देने के लिए नई श्रेणी शुरू की है जिसके तहत जय अलानी के साथ मिलकर पैरानॉर्मल रियलिटी पॉडकास्ट शुरू किया गया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि पॉडकास्टर बनना अब पहले की तुलना में ज्यादा आसान है। 2018 में शुरू की गई एक एआई-सक्षम सामग्री एग्रीगेटर और देश की सबसे बड़ी पॉडकास्ट डायरेक्टरी हबहॉपर ने अब ‘हबहॉपर ओरिजिनल’ पेश कर इसका समाधान प्रस्तुत किया है।

इसके माध्यम से हबहॉपर स्वतंत्र और छोटे शहर के पॉडकास्टर्स को पॉडकास्ट के निर्माण और वितरण में आवश्यक सभी सहायता प्रदान करेगा।

पॉडकास्टर बनने के लिए अद्वितीय सामग्री और अच्छे वक्तृत्व कौशल की आवश्यकता अनिवार्य तौर पर होती है। उत्पादन और वितरण भी आपकी सामग्री को वायरल या लोगों की पसंदीदा बनाने में आवश्यक हैं, लेकिन कई स्वतंत्र कलाकार उपकरणों के बारे में अपनी जानकारी, सॉफ्टवेयर्स, मार्केटिंग रणनीतियों और सबसे महत्वपूर्ण एक प्लेटफार्म के अभाव के कारण इस चरण से आगे नहीं जा पा रहे हैं।

हबहॉपर ने इन पॉडकास्टर्स या ‘साझेदारों’ के लिए समाधान प्रदान करने के इरादे से यह नया कार्यक्रम शुरू किया है। पॉडकास्टिंग के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने पटना से भारत के सबसे प्रसिद्ध पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स में से एक, जय अलानी के साथ मिलकर पैरानॉर्मल रियलिटी की शुरुआत की है।

मॉनेटाइजेशन और एक्सपोजर के तरीकों का पता लगाने, माइक्रोफोन के इस्तेमाल और एडिटिंग का तरीका तय करने से लेकर- हबहॉपर ओरिजिन, प्रोडक्शन की पूरी प्रक्रिया के साथ-साथ पॉडकास्ट के वितरण में भी रचनाकारों की सहायता करेगा। अब भी सामग्री और पॉडकास्टर के प्रयासों पर ही जोर दिया जाएगा, लेकिन यह प्रोग्राम आवश्यक मार्गदर्शन में काम आएगा।

हबहॉपर के संस्थापक और सीईओ गौतम राज आनंद ने कहा, “किसी के भी पास सबसे अच्छी और अधिक भरोसेमंद सामग्री हो सकती है, लेकिन हो सकता है कि उत्पादन या वितरण या संसाधनों या ज्ञान की कमी कमी की वजह से वह उस सामग्री को अपने लक्षित दर्शकों तक पहुंचने में पीछे रह रहा हो। इसी वजह से हम अपनी नई श्रेणी, ‘हबहॉपर ओरिजिनल’ पेश किया है। इस प्रोग्राम के माध्यम से उन्हें सिर्फ वह करने की जरूरत होगी जो वे करते हैं यानी सामग्री बनाना, बाकी सब कामों में हम उनकी सहायता करेंगे।”

हबहॉपर हमेशा से विभिन्न विषयों पर स्वतंत्र पॉडकास्ट कंटेंट के लिए एग्रीगेटर की भूमिका निभाता आया है- जैसे- ‘द इंस्पायरिंग टॉक’, ‘चुस्की पॉप’, ‘देसी आउटसाइडर्स’, ‘कल्चर कैओस’ और ‘रॉबिन शर्मा मास्टरी सेशन’। इस पहल के माध्यम से डिजिटल कंटेंट प्लेटफार्म का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों, क्षेत्रों और भाषा-विज्ञान के रचनाकारों को फलने-फूलने के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करना है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleगंगा जल की तरह पवित्र होती है ये 2 नाम वाली लड़कियां, कभी नहीं देती प्यार में धोखा
Next articleजबरदस्त भीड़ लग गई इस खूबसूरत फोन के लिए, इसके फीचर्स और कीमत चौकाने वाली!
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here