राहुल को जेहादियों, नक्सलियों से सहानुभूति रखने वाला बताना गलत : चिदंबरम

0
83

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा यह आरोप लगाने के बाद कि जेहादियों और नक्सलियों को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सहानुभूति हासिल है, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को इस बया नको हास्यास्पद और बेतुका बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह से इन दोनों समूहों के खिलाफ है।

जेटली ने शुक्रवार को राहुल को निशाने पर लेते हुए ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि जेहादी और नक्सली नागरिक अधिकारों और मानव अधिकार संगठनों के लिए खतरा बने हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही कांग्रेस इन ऐतिहासिक और वैचारिक रूप से इन समूहों के विरोध में रही है। लेकिन, फिर भी उन्होंने राहुल गांधी के दिल में सहानुभूति अर्जित की है।

जेटली ने लिखा था, “जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) में और हैदराबाद में विद्रोही नारे लगाने वालों के साथ शामिल होने पर उन्हें कोई पछतावा नहीं हुआ।”

उन्होंने कहा कि इस प्रारंभिक सफलता के साथ तथाकथित संघीय मोर्चे के अन्य लोग इन समूहों के खतरों को भारत और भारतीय लोकतंत्र में भूल गए हैं।

जैटली ने अपने ब्लॉग में लिखा, “आप (आम आदमी पार्टी), टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) जैसे दलों का दुस्साहस ऐसा मालूम पड़ता है ये इन समूहों को सिर्फ राजनीतिक अवसर के तौर पर देखते हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता चिदंबरम ने जेटली पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) की सरकार जम्मू एवं कश्मीर में जेहादियों से लड़ी थी और हिंसा का स्तर काफी हद तक कम कर दिया था।

चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, “यह आरोप लगाना कि जेहादियों और नक्सलियों को राहुल गांधी की सहानुभूति हासिल है, यह हास्यास्पद और बेतुका है। कांग्रेस दोनों समूहों का पूरी तरह से विरोध करती है।”

चिदंबरम ने कहा, “कौन भूल सकता है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने नक्सली हिंसा में अपना पूरा नेतृत्व खो दिया था? सप्रंग के तहत, सरकार ने जम्मू-कश्मीर में जेहादियों से लड़ा और हिंसा का स्तर काफी हद तक कम कर दिया था।”

मई में किडनी प्रत्यारोपण करा चुके केंद्रीय मंत्री ने कामकाज नहीं संभाला है। उन्होंने कहा कि ये नक्सली व जेहादी अदालतों को आतंकित करते हैं, संपादकों को मार देते हैं। उन्होंेने सवालिया लहजे में कहा, “कश्मीर के नागरिकों के मानवाधिकारों को किससे खतरा है? यह स्पष्ट है कि यह आतंकवादी और जेहादी हैं।”

जेटली ने कहा कि नक्सली जनजाति क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं होने देते और जो उनके साथ सहमत नहीं हैं, उन्हें मार देते हैं। वे सार्वजनिक इमारतों को नष्ट करते हैं, वे सुरक्षाकर्मियों को मार देते हैं।

उन्होंने कहा कि मानवाधिकार भारत के संसदीय लोकतंत्र का मूल है और संविधान हर नागरिक के अधिकार की रक्षा की गारंटी देती है।

जेटली ने लिखा था, “हमारी नीति आतंकवादियों से हर भारतीय नागरिक के मानवाधिकारों की रक्षा करने वाली होनी चाहिए, चाहे वह आदिवासी हो या कश्मीरी हो।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleकैंसर से जूझ रहे जो जैक्सन अस्पताल में भर्ती
Next articleकेरल का चौथा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा कन्नूर में सितंबर में खुलेगा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here