सूर्य को जल देते समय न करें ये भूल

0
83

हिंदू धर्म में सूर्य को कलियुग का साक्षात देवता माना जाता हैं। भगवान सूर्य देव की पूजा से यश, कीर्ति,मनुष्य के भाग्य का उदय और विकासशील बनाता हैं वही सूर्य बल,तेज, पराक्रम,सम्मान और उत्साह बढ़ता हैं। वही भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करना कई सारी समस्याओं से मुक्ति दिलाता हैं।

मगर वहीसूर्य को अर्घ् देने में कुछ भी भूल हुई तो उसका लाभ नहीं मिल पाता हैं। तो इसलिए जब भी आप सूर्य को जल दें, तो आप किसी तरह की कोई भी भूल ना करें।

सूर्य देव को जल चढ़ाने के खास नियम हैं। जिनका पालन सभी को जरूर करना चाहिए। तो आइए जानते हैं। कि वो क्या नियम हैं।

सूर्य देव को जल देने के लिए सूर्योदय की पहली किरण ही होना शुभ माना जाता हैं। वही सूयदेवता को जल देने के लिए आसन का प्रयोग अवश्य ही करें।

surya

उस पर खड़े हो कर जल देना चाहिए जल हमेशा ही तांबे के लोटे या फिर पात्र से ही देना अच्छा होता हैं। साथी ही साथ उस जल में मिश्री डालें। ऐसा करने से मंगल के दोष दूर हो जाते हैं।

वही सूर्य देवता को जल इस प्रकार से दे कि उसका जल आपके पैरों पर ना पड़े। वही सुबह के वक्त सूर्य ​कि किरणें औषधी के समान कार्य करती हैं। इसलिए सूर्य को जल देने से पहले सूर्यदेव के हाथ जोड़कर कम से कम पांच मिनट तक सीधे सूर्य को देखें। Surya-DEVवही सूर्य देव को चढ़ाया हुआ जल जमीन पर गिरने से अर्घ्य का संपूर्ण लाभ नहीं मिल पाता हैं। इसलिए चढ़ाएं हुए जल को किसी पात्र में एकत्रित करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here