Israeli के वैज्ञानिक ने इजाद की कोरोना स्ट्रेन की टेस्टिंग मशीन

0

इजरायल के वैज्ञानिकों ने एक रैपिड-कास्ट-इफेक्टिव टेस्ट विकसित किया है, क्योंकि दक्षिणी इजरायल के बेन गुरियन विश्वविद्यालय (बीजीयू) में कोरोना के दो नए वेरियंट का पता चला है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में कोरोना के नए वेरिएंट परीक्षण में काफी समय और मंहगा पड़ता है, वहीं इस नए उपकरण के इजाद से मामलों की पता जल्दी चल सकेगा।

बीजीयू ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि नया परीक्षण उपकरण कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पहले की तुलना में कम समय में की जाएगी।

बीजीयू के रिसर्चर ने कोरोना के नए वेरियंट को डिटेक्ट करने के लिए रैपिड टेस्ट विकसित किया, जिससे ट्रायल बेस पर कई सैंपलों की सफलतापूर्वक जांच की गई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleJ&K में भविष्य की राजनीतिक सत्ता की कुंजी आजाद के हाथ में होगी?
Next articleSC Petition Farooq Abdullah: फारुख अब्दुला के खिलाफ PIL खारीज, SC ने कहा-सरकार की राय से अलग विचार रखना राजद्रोह नहीं….
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here