ISL : पुर्तगाल के इस्मा ने थामा चेन्नइयन एफसी का साथ

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चेन्नइयन एफसी ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के अगले सीजन के लिए फ्री ट्रांसफर के जरिए पुर्तगाल के इसामाएल गोंजालवेज के साथ करार किया है। इस खिलाड़ी को फुटबाल जगत में इस्मा के नाम से जाना जाता है। 29 साल के पुर्तगाल के खिलाड़ी जापान के क्लब मातसुमोटो यामागा से इस क्लब में आ रहे हैं।

इस्मा ने कहा, “चेन्नइयन एफसी के साथ जुड़ना मेरे लिए बेहद अच्छा है। यह क्लब शहर की मजबूत संस्कृति को बताता है और इसके प्रशंसक बहुत हैं। मेरी मुख्य कोच से अभी तक जो बात हुई है वो शानदार रही है। उनके दिमाग में जो लक्ष्य हैं मैं उनमें पूरी तरह से विश्वास रखता हूं। मेरी टीम और कोच जो मुझसे चाहते हैं मैं उसे पाने के लिए पूरी मेहनत करूंगा। उम्मीद है कि मैं ज्यादा से ज्यादा गोल कर सकूं।”

इस्मा के पास यूईएफए चैम्पियंस लीग, यूईएफए यूरोपा लीग और एएफसी चैम्पियंस लीग का अनुभव है।

टीमके कोच साबा लास्जलो ने कहा, “इस्मा ने एशिया में खेलेत हुए साबित का है कि उनकी नजरें गोल पर रहती हैं। उनके पास खिलाड़ियों को मार्क करने की गजब की क्षमता है। हमें उम्मीद है कि उनकी विविधता से हमारी फॉर्वड लाइन को मदद मिलेगी।”

आईएसएल का सातवां सीजन बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में खेला जाएगा।

न्यजू स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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