ISL-7 : चेन्नइयन और ईस्ट बंगाल की नजरें जीत पर

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चेन्नइयन एफसी आज फातोर्दा के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ईस्ट बंगाल के खिलाफ होने वाले मुकाबले को जीतकर हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन में अपने अंकों में इजाफा करना चाहेगी। चेन्नइयन पिछले सात मैचों में केवल एक ही मैच हारी है। लेकिन दो बार की चैम्पियन ने पिछले 11 मैचों में पांच मैच ड्रॉ भी खेले हैं। चेन्नइयन से ज्यादा नॉर्थईस्ट ने ही इस सीजन में अब तक सबसे ज्यादा ड्रॉ खेले हैं। कोच लाजलो को उम्मीद है कि उनकी टीम बेहतर करेगी।

ईस्ट बंगाल ने हाल में ब्राइट एनोबाखरे के साथ नया करार किया है और उन्होंने टीम के प्रदर्शन पर बहुत अच्छा प्रभाव डाला है। हालांकि चेन्नइयन के कोच पूरी टीम की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

दूसरी तरफ, ईस्ट बंगाल की टीम पिछले छह मैचों से अजेय चल रही है और कोच रोबी फॉलर की टीम अब प्लेआफ स्थान से केवल पांच अंक पीछे है।

फॉलर का मानना है कि उनकी टीम प्लेआफ स्थान में जगह बना सकती है।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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