आईएसएल-6 : मुम्बई को 5-2 से हराकर गोवा फिर से शीर्ष पर

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बीते सीजन का फाइनल खेलने वाले एफसी गोवा ने बुधवार को अपने घर में लगातार छठी जीत के साथ हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन की अंक तालिका में एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। गोवा ने यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए मैच में मुम्बई सिटी एफसी को 5-2 से हराया। गोवा के लिए फेरान कोरोमिनास ने 20वें और 80वें मिनट में गोल किए जबकि हुगो बोउमोस ने 38वें तथा जैकीचंद सिंह 39वें मिनट में गोल दागा। मुम्बई के मोहम्मद रफीक (87वें मिनट) का एक आत्मघाती गोल भी गोवा के खाते में जुड़ा। गोवा के लिए रावलिन बार्जेस ने 18वें और बिपिन सिंह ने 57वें मिनट में गोल किए।

गोवा की इस सीजन में 17 मैचों में यह 11वीं जीत है और वह 36 अंकों के साथ फिर से शीर्ष पर विराजमान हो गई है। मुम्बई के 17 मैचों से 26 अंक हैं और वह चौथे स्थान पर ही बनी हुई है। मुम्बई की हार ने ओडिशा एफसी को प्लेआफ की दौड़ से बाहर होने से बचा लिया।

मैच में पहले 15 मिनट बीत जाने के बाद अगले पांच मिनट में एक के बाद एक दो गोल देखने को मिले। पहले मुम्बई ने 18वें मिनट में रॉवलिन बॉर्जेस के गोल की मदद से 1-0 की बढ़त बना ली।

लेकिन, गोवा ने दो मिनट बाद ही शानदार वापसी करते हुए कोरोमिनास के गोल के दम पर मुकाबले में 1-1 की बराबरी कायम कर ली। गोवा के इस गोल में बोउमोस का असिस्ट रहा।

बराबरी का गोल करने के बाद गोवा ने हमले तेज किए और दो मिनट मे दो गोल करते हुए 3-1 की बढ़त ले ली। उसके लिए दूसरा गोल बोउमोस ने 38वें मिनट में और तीसरा गोल जैकीचंद ने 39वें मिनट किया। जैकी के इस गोल में कोरो का असिस्ट रहा।

गोवा के पास हाफ टाइम तक चौथा गोल करने का मौका था, लेकिन जैकी इस बार महज कुछ इंच के अंतर से चूक गए।

दूसरे हाफ में मुम्बई एक गोल से पीछे थी और गोवा इस अंतर को बढ़ाना चाहती थी। इसी क्रम में कोरो ने 80वें मिनट में गोल करते हुए गोवा को 4-2 से आगे कर दिया। इस गोल में बोउमोस का असिस्ट था।

कोरो का यह इस सीजन का 13वां गोल है। वह अब वह सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में एटीके के राय कृष्णा (13) के साथ बराबरी पर आ गए हैं।

इस गोल के आघात से मुम्बई की टीम अभी सम्भली भी नहीं थी कि मोहम्मद रफीक ने एक आत्मघाती गोल करते हुए गोवा को 5-2 से आगे कर दिया। अब मुम्बई के लिए वापसी नामुमकिन था और वह अंतत: इस सीजन की पांचवीं हार को मजबूर हुई।

न्यूज स्त्राते आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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