आईएसएल-6 : मुम्बई को मात देकर प्लेऑफ में पहुंची चेन्नइयन

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कप्तान लुसियन गोइयन के शानदार गोल के दम पर दो बार की चैंपियन चेन्नइयन एफसी ने शुक्रवार को यहां मुंबई फुटबाल एरेना में खेले गए मुकाबले में मुम्बई सिटी एफसी को 1-0 से हराकर हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन के प्लेऑफ में प्रवेश कर लिया। इस जीत से चेन्नइयन के 17 मैचों से 28 अंक हो गए हैं और प्लेऑफ में पहुंचने वाली चौथी और अंतिम टीम बन गई है। उससे पहले एफसी गोवा, एटीके और बेंगलुरू एफसी पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी हैं।

वहीं, इस हार के बाद मुम्बई सिटी प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है। मुम्बई का लीग चरण में यह आखिरी मैच था जबकि चेन्नइयन को अभी लीग चरण में अपना अंतिम मैच अगले सप्ताह नॉर्थईस्ट युनाइटेड एफसी के खिलाफ खेलना है।

आईएसएल में अपना 100वां और घर में अपना 50वां मैच खेलने उतरी मुम्बई सिटी और चेन्नइयन के बीच पहले हाफ में कम ही मौके देखने को मिले क्योंकि दोनों ही टीमों का डिफेंस काफी मजबूत रहा। चेन्नइयन ने पहले मिनट में ही एक मौका बनाया। राफेल क्रिवेल्लारो बॉल को लेकर बॉक्स की ओर बढ़े, लेकिन प्रतीक चौधरी ने इसे क्लीयर कर दिया।

वहीं, 15वें मिनट में मेजबान मुम्बई ने पेनाल्टी की मांग की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उसने 25वें मिनट में एक बड़ा हमला बोला। डिएगो कार्लोस ने अमिने शेरमिति को एक सुपर क्रॉस दिया, लेकिन अमिने अपने हेडर के जरिए बॉल को गोलपोस्ट में डालने का बड़ा मौका चूक गए।

इसके दो मिनट बाद ही मेजबान टीम के गोलकीपर और कप्तान अमरिंदर सिंह चोटिल हो गए और उन्हें चिकित्सा सुविधा देनी पड़ी। मुम्बई के 41 प्रतिशत के मुकाबले 59 प्रतिशत बॉल पजेशन अपने पास रखने के बावजूद चेन्नइयन एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा पा रही थी।

40वें मिनट में अनिरुद्ध थापा और मोदोउ सोगोउ आपस में टकराकर चोटिल हो गए और एक बार फिर से मेडिकल स्टाफ को मैदान पर आना पड़ा। तीन मिनट बाद ही चेन्नइयन के सीजन के टॉप स्कोरर नेरिजुस व्लास्किस गोल करने का एक सुनहरा अवसर खो बैठे और उनका शॉट आफसाइड चला गया।

पहले हाफ में चार मिनट का अतिरिक्त समय भी जोड़ा गया, लेकिन दोनों ही टीमें अपना खाता नहीं खोल पाईं। पहला हाफ गोलरहित रहा।

घर में पिछले तीन मैचों में तीन जीत दर्ज करने वाली मुम्बई इस मैच में भी कुछ इसी लक्ष्य के साथ दूसरे हाफ में उतरी। लेकिन 54वें मिनट में उसे उस समय एक बड़ा झटका लगा जब उसके मिडफील्डर सौरभ दास को रेड कार्ड दिखाया गया।

सौरभ को रेड कार्ड मिलने के बाद मुम्बई को अब अपने 10 खिलाड़ियों के साथ ही प्लेऑफ की संघर्ष को जारी रखना पड़ा। सौरभ से पहले 50वें मिनट में मेहमान चेन्नइयन के जैरी लालरिंजुआला और 52वें मिनट में विशाल कैथ येलो कार्ड दिखाया गया।

अपने 10 खिलाड़ियों से खेलने के बावजूद मुम्बई सिटी मुकाबले में बेहतर लग रही थी और 67वें मिनट में उसके पास अपना खाता खोलने का शानदार अवसर आया। लेकिन इस बार भी शेरमिति के हाथ से ही अवसर निकल गया और उनका शॉट आफसाइड चला गया।

मेजबान टीम के हमलों के बाद चेन्नइयन ने भी 77वें मिनट में एक बड़ा हमला बोला। जर्मनप्रीत सिंह ने शानदार शॉट लगाया, लेकिन मुम्बई के कप्तान और गोलकीपर अमरिंदर ने बेहतरीन सेव करके अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

चेन्नइयन ने हालांकि अपना आक्रमण जारी रखा और आखिरकार 83वें मिनट में जाकर उसने अपना खाता खोल लिया। मेहमान टीम के लिए यह गोल कप्तान लुसियन गोइयन ने किया। इस गोल में चेन्नइयन के टॉप स्कोरर व्लास्किस का भी असिस्ट रहा।

मुम्बई सिटी के पूर्व कप्तान लुसियन का यह गोल चेन्नइयन के लिए प्लेऑफ में पहुंचने के लिए काफी था। लुसियन के गोल के बाद और कोई गोल नहीं हो सका और मुकाबला इंजुरी टाइम में चला गया, जहां चेन्नइयन ने अपनी बढ़त को कायम रखते हुए प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। पूर्व चैंपियन चेन्नइयन की पिछले सात मैचों में यह छठी जीत है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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