आईएसएल-6 : बेंगलुरू ने खोला जीत का खाता

0
24

मौजूदा चैम्पियन बेंगलुरू एफसी ने रविवार को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छठे सीजन में तीन मैचों के बाद जीत का खाता खोल लिया। बेंगलुरू ने अपने घर श्री कांतिरावा स्टेडियम में दो बार के चैम्पियन चेन्नइयन एफसी को 3-0 से हराया। दोनों टीमों का यह चौथा मैच था। बेंगलुरू को तीन ड्रॉ खेलने के बाद पहली जीत नसीब हुई है जबकि चेन्नइयन का खाता अब तक नहीं खुल सका है। उसकी यह चार मैचों में तीसरी हार है। वह एक अंक के साथ 10 टीमों की अंक तालिका में सबसे नीचे मौजूदा है जबकि इस जीत से हासिल तीन अंकों के साथ बेंगलुरू की टीम पांचवें स्थान पर पहुंच गई है।

बेंगलुरू ने इस मैच में दो गोल पहले हाफ में किए जबकि एक गोल दूसरे हाफ में हुआ। पहले हाफ में उसके लिए एरिक पार्टालू ने 14वें मिनट में गोल दागा और फिर कप्तान सुनील छेत्री ने 25वें मिनट में गोल करते हुए उसे 2-0 से आगे कर दिया। तीसरा गोल थांगोसेम हाओकिप ने 84वें मिनट में किया।

बहरहाल, तीन मैचों के बाद जीत के लिए तरस रही मेजबान टीम के लिए पहला हाफ किसी वरदान से कम नहीं रहा। खेल की शुरुआत से ही दो बार की चैम्पियन पर दबाव बनाकर चलने वाली बेंगलुरू की टीम ने चौथे, पांचवें और 12वें मिनट में चेन्नइयन के डिफेंस और गोलकीपर विशाल कैथ को छकाया और फिर 14वें और 25वें मिनट में गोल करते हुए 2-0 की लीड ले ली।

मेजबान टीम के लिए मैच का पहला गोल पार्टालू ने डिमास डेल्गाडो की मदद से किया। डिमास ने एक परफेक्ट हेडर लिया और पार्टालू ने उसे हेडर से गोल में डालने में कोई गलती नहीं की।

बेंगलुरू की टीम 20वें मिनट में भी गोल करने के करीब थी लेकिन रफाएल अगस्तो चेन्नइयन के गोलकीपर की गलती का फायदा नहीं उठा सके। कप्तान सुनील छेत्री ने हालांकि 25वें मिनट में अगस्तो की मदद से गोल करते हुए अपनी टीम की पिछली गलती की भरपाई की।

छेत्री ने यह गोल काउंटर अटैक पर किया। अगस्तो ने एक बेहतरीन थ्रू बॉल छेत्री को दिया था, जिस पर कैथ को छकाते हुए कप्तान ने बेंगलुरू की बढ़त दोगुनी कर दी। 27वें मिनट में बेंगलुरू ने अपना तीसरा गोल कर ही दिया था लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। पोस्ट के आगे हुई आपाधापी ने चेन्नइयन को 0-3 से पिछड़ने से बचा लिया।

चेन्नइयन ने इससे बल हासिल करते हुए 43वें मिनट में पहला बड़ा हमला किया। एडविन वेंसपॉल के हेडर पर आंद्रेई स्केम्बरी ने अच्छा हेडर लिया लेकिन वह गेंद को पोस्ट में नहीं डाल सके।

दूसरे हाफ के शुरुआती पलों में दोनों टीमों ने कुछ अच्छे मौके बनाए। 53वें मिनट में चेन्नइयन ने रहीम अली को बाहर कर लालियाजुआला चांग्ते को अंदर लिया। चांग्ते ने आते ही एक अच्छा मूव बनाया लेकिन चेन्नई के बाकी खिलाड़ी उसका फायदा नहीं उठा सके।

72वें मिनट में चेन्नई ने एक अच्छा मूव बनाया। इसके केंद्र में कप्तान लूसियान गोइयान, चांग्ते और रफाएल क्रीवेलारो थे लेकिन अगस्त ने बॉक्स के किनारे क्रीवेलारो को गिरा दिया। चेन्नई के खिलाड़ियों ने पेनाल्टी मांगा लेकिन रेफरी ने उसे नजरअंदाज किया।

75वें मिनट में बेंगलुरू के कप्तान छेत्री को पीला कार्ड मिला लेकिन वह यहां नहीं रुके और 75वें तथा 77वें मिनट में दो अच्छे मूव बनाए पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। हालांकि हाओकिप ने पार्टालू की मदद से गोल करते हुए मेजबान टीम को 3-0 से आगे कर दिया। हाओकिप ने चेन्नई के डिफेंस को भेदते हुए एक दर्शनीय गोल किया।

87वें मिनट में छेत्री के पास अपना दूसरा गोल करने का मौका था लेकिन बॉक्स के अंदर डिमास के एक शानदार स्क्वायर पास पर वह समय रहते प्रतिक्रिया नहीं कर सके। इंजुरी टाइम में चेन्नई के गोलकीपर कैथ को पीला कार्ड मिला।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदेश-विरोधी ताकतें उठा सकती हैं मौके का फायदा
Next articleतीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान पहुंचा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here